साक्ष्य अधिनियम धारा 10 क्या है | Indian Evidence Section 10 in Hindi

साक्ष्य अधिनियम की धारा 10 क्या है

आज हम आपके लिए इस पेज पर साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 10 की जानकारी लेकर आये है | यहाँ हम आपको बताएँगे  कि साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 10 किस प्रकार से परिभाषित की गई है और इसका क्या अर्थ है ? साक्ष्य अधिनियम की धारा 10 क्या है, इसके बारे में आप यहाँ जानेंगे |

सामान्य परिकल्पना के बारे में षड्यंत्रकारी द्वारा कही या की गई बातें

इस पोर्टल के माध्यम से यहाँ साक्ष्य अधिनियम की धारा 10 क्या बताती है ? इसके बारे में पूर्ण रूप से बात होगी | साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |

साक्ष्य अधिनियम धारा 1 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 2 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 3 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 4 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 5 क्या है 
साक्ष्य अधिनियम धारा 6 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 7 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 8 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 9 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 10 क्या है

[Indian Evidence Act Sec. 10 in Hindi]

साक्ष्य अधिनियम धारा 9 क्या है

Indian Evidence Act (साक्ष्य अधिनियम) की धारा 10 के अनुसार :-

सामान्य परिकल्पना के बारे में षड्यंत्रकारी द्वारा कही या की गई बातें

जहां कि यह विश्वास करने का युक्तियुक्त आधार है कि दो या अधिक व्यक्तियों ने अपराध या अनुयोज्य दोष करने के लिए मिलकर षड्यंत्र किया है, वहां उनके सामान्य आशय के बारे में उनमें से किसी एक व्यक्ति द्वारा उस समय के पश्चात्, जब ऐसा आशय उनमें से किसी एक ने प्रथम बार मन में धारण किया, कही, की, या लिखी गई कोई बात उन व्यक्तियों में से हर एक व्यक्ति के विरुद्ध, जिनके बारे में विश्वास किया जाता है कि उन्होंने इस प्रकार षड्यंत्र किया है, षड्यंत्र का अस्तित्व साबित करने के प्रयोजनार्थ उसी प्रकार सुसंगत तथ्य है जिस प्रकार यह दर्शित करने के प्रयोजनार्थ कि ऐसा कोई व्यक्ति उसका पक्षकार था।

दृष्टांत

यह विश्वास करने का युक्तियुक्त आधार है कि क [भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करने के षड्यंत्र में सम्मिलित हुआ है।

ख ने उस षड्यंत्र के प्रयोजनार्थ यूरोप में आयुध उपाप्त किए, ग ने वैसे ही उद्देश्य से कलकत्ते में धन संग्रह किया, घ ने मुम्बई में लोगों को उस षड्यंत्र में सम्मिलित होने के लिए प्रेरित किया, ङ ने आगरे में उस उद्देश्य के पक्षपोषण में लेख प्रकाशित किए और ग द्वारा कलकत्ते में संगृहीत धन को च ने दिल्ली से छ के पास काबुल भेजा इन तथ्यों और उस षड्यंत्र का वृत्तान्त देने वाले झ द्वारा लिखित पत्र की अन्तर्वस्तु में से हर एक षड्यंत्र का अस्तित्व साबित करने के लिए तथा उसमें क की सहअपराधिता साबित करने के लिए भी सुसंगत है, चाहे वह उन सभी के बारे में अनभिज्ञ रहा हो और चाहे उन्हें करने वाले व्यक्ति उसके लिए अपरिचित रहे हों और चाहे वे उसके षड्यंत्र में सम्मिलित होने से पूर्व या उसके षड्यंत्र से अलग हो जाने के पश्चात् घटित हुए हों।

साक्ष्य अधिनियम धारा 8 क्या है

According to Indian Evidence Act Section 10 – “Things said or done by conspirator in reference to common design”

Where there is reasonable ground to believe that two or more persons have conspired together to commit an offence or an actionable wrong, anything said, done or written by any one of such persons in reference to their common intention, after the time when such intention was first entertained by any one of them, is a relevant fact as against each of the persons believed to be so conspiring, as well for the purpose of proving the existence of the conspiracy as for the purpose of showing that any such person was a party to it.

Illustrations

Reasonable ground exists for believing that A has joined in a conspiracy to wage war against the 1[Government of India].

The facts that B procured arms in Europe for the purpose of the conspiracy, C collected money in Calcutta for a like object, D persuaded persons to join the conspiracy in Bombay, E published writings advocating the object in view at Agra, and F transmitted from Delhi to G at Kabul the money which C had collected at Calcutta, and the contents of a letter written by H giving an account of the conspiracy, are each relevant, both to prove the existence of the conspiracy, and to prove A’s complicity in it, although he may have been ignorant of all of them, and although the persons by whom they were done were strangers to him, and although they may have taken place before he joined the conspiracy or after he left it.

साक्ष्य अधिनियम धारा 7 क्या है

मित्रों उपरोक्त वर्णन से आपको आज साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 10 के बारे में जानकारी हो गई होगी | कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है | इसको अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करें |

साक्ष्य अधिनियम धारा 6 क्या है

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