सीआरपीसी की धारा 73 क्या है | Section 73 CRPC in Hindi


सीआरपीसी की धारा 73 क्या है

दंड प्रक्रिया सहिता में वारंट किसी भी व्यक्ति को निदिष्ट हो सकेंगेइसका प्रावधान सीआरपीसी (CrPC) की धारा 73 में  किया गया है | यहाँ हम आपको ये बताने का प्रयास करेंगे कि दंड प्रक्रिया सहिता (CrPC) की धारा 73 के लिए किस तरह अप्लाई होगी | दंड प्रक्रिया सहिता यानि कि CrPC की धारा 73 क्या है ? इसके सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से यहाँ समझने का प्रयास करेंगे | आशा है हमारी टीम द्वारा किया गया प्रयास आपको पसंद आ रहा होगा |



(CrPC Section 73) Dand Prakriya Sanhita Dhara 73 (वारंट किसी भी व्यक्ति को निदिष्ट हो सकेंगे)

इस पेज पर दंड प्रक्रिया सहिता की धारा 73 में “वारंट किसी भी व्यक्ति को निदिष्ट हो सकेंगेइसके बारे में क्या प्रावधान बताये गए हैं ? इनके बारे में पूर्ण रूप से इस धारा में चर्चा की गई है | साथ ही दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 73 कब नहीं लागू होगी ये भी बताया गया है ? इसको भी यहाँ जानेंगे, साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की अन्य महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी  ले सकते हैं |

सीआरपीसी की धारा 43 क्या है



CrPC (दंड प्रक्रिया संहिता की धारा ) की धारा 73 के अनुसार :-

वारंट किसी भी व्यक्ति को निदिष्ट हो सकेंगे

(1) मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट या प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट किसी निकल भागे सिद्धदोष, उद्घोषित अपराधी या किसी ऐसे व्यक्ति की जो किसी अजमानतीय अपराध के लिए अभियुक्त है और गिरफ्तारी से बच रहा है, गिरफ्तारी करने के लिए वारंट अपनी स्थानीय अधिकारिता के अंदर के किसी भी व्यक्ति को निदिष्ट कर सकता है।

(2) ऐसा व्यक्ति वारंट की प्राप्ति को लिखित रूप में अभिस्वीकार करेगा और यदि वह व्यक्ति, जिसकी गिरफ्तारी के लिए वह वारंट जारी किया गया है, उसके भारसाधन के अधीन किसी भूमि या अन्य संपत्ति में है या प्रवेश करता है तो वह उस वारंट का निष्पादन करेगा।

(3) जब वह व्यक्ति, जिसके विरुद्ध ऐसा वारंट जारी किया गया है. गिरफ्तार कर लिया जाता है, तब वह वारंट सहित निकटतम पुलिस अधिकारी के हवाले कर दिया जाएगा, जो, यदि धारा 71 के अधीन प्रतिभूति नहीं ली गई है तो, उसे उस मामले में अधिकारिता रखने वाले मजिस्ट्रेट के समक्ष भिजवाएगा।

सीआरपीसी की धारा 42 क्या है

According to Section. 73 –“Warrant may be directed any person  ”–

 (1) The Chief Judicial Magistrate or a Magistrate of the first class may direct a warrant to any person within his local jurisdiction for the arrest of any escaped convict, proclaimed offender or of any person who is accused of a non- bailable, offence and is evading arrest.

(2) Such person shall acknowledge in writing the receipt of the warrant, and shall execute it if the person for whose arrest it was issued, is in, or enters on, any land or other property under his charge.

(3) When the person against whom such warrant is issued is arrested, he shall be made over with the warrant to the nearest police officer, who shall cause him to be taken before a Magistrate having jurisdiction in the case, unless security is taken under section 71.

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आपको आज  दंड प्रक्रिया संहिता  की धारा 73 “वारंट किसी भी व्यक्ति को निदिष्ट हो सकेंगेइसके  बारे में जानकारी हो गई होगी | कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है |

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