उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र (Succession Certificate) कैसे बनता है

हमारे देश में अधिकांश लोग अपनी प्रापर्टी की वसीयत नहीं करते है, परन्तु उनकी मृत्यु के बाद उनके परिवार के सदस्यों को यह साबित करना पड़ता है, कि दिवंगत शख्स के उत्तराधिकारी वहीं हैं | इसके लिए परिवार के सदस्यों को उत्तराधिकार प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है | यह सर्टिफिकेट यह प्रमाणित करता है, कि आप कानूनी उत्तराधिकारी हैं, और दिवंगत शख्स की मृत्यु के बाद आप संपत्ति के मालिक बन गए हैं |  किसी भी व्यक्ति के लिए उत्तराधिकार प्रमाण पत्र बहुत ही आवश्यक है क्योंकि उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के माध्यम से ही आपको विरासत में मिली जमीन, मकान आदि के उत्तराधिकारी के रूप में जाना जाता है।

यहाँ पर आज आपको उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र (Succession Certificate) कैसे बनता है, इसके बारे में बताने का प्रयास करेंगे | आज के आर्टिकल में आप जानेगे कि उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र किसे कहते है, उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र कैसे बनता है इस प्रमाण पत्र को बनवाने के लिए फीस कितनी देनी होगी इन सब पर पूर्ण रूप से चर्चा की गई है | साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर  अन्य महत्वपूर्ण लॉ से सम्बन्धित  बातों को विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से उनके बारे में भी जानकारी  ले सकते हैं |

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उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र किसे कहते है (Succession Certificate in Hindi)

उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र एक मृत व्यक्ति के उत्तराधिकारी को दिया जाने वाला प्रमाण पत्र है | दूसरे शब्दों में हुम कह सकते है, कि एक उत्तराधिकार प्रमाण पत्र एक नागरिक को अदालत द्वारा एक मृत व्यक्ति के कानूनी उत्तराधिकारियों को जारी किया गया एक दस्तावेज है, जो एक वास्तविक व्यक्ति को ऐसे मृत व्यक्ति का उत्तराधिकारी प्रमाणित करता है | इस सर्टिफिकेट के माध्यम से उत्तराधिकारी को कानूनी रूप से मृतक की चल-अचल संपत्ति को प्राप्त करनें का अधिकार प्राप्त होता है | इसमें बैंक बैलेंस, पेंशन, म्यूचुअल फण्ड, फिक्स्ड डिपॉजिट, निवेश आदि शामिल होते है |

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उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र कैसे बनता है (Succession Certificate Procedure in Hindi)

मृतक व्यक्ति की प्रॉपर्टी या संपत्तियों पर दावा करने वाले उत्तराधिकारी को निर्धारित प्रारूप में एक याचिका सक्षम सिविल कोर्ट में दाखिल करनी पड़ती है| मृतक की संपत्ति इसी कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में होनी चाहिए| कोर्ट में दाखिल याचिका में सभी उत्तराधिकारियों के नाम अंकित होनें चाहिए, साथ ही मृतक की मृत्यु का समय, दिन और स्थान का उल्लेख होना चाहिए | इसके लिए डेथ सर्टिफिकेट की छाया प्रति कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करना होता है |   

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समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजानिक नोटिस (Public Notice Through News papers)

याचिका स्वीकार होने के बाद न्यायलय द्वारा समाचार पत्रों के माध्यम से एक नोटिस जारी की जाती है | जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा होता है, यदि किसी को कोई आपत्ति है तो वह अपनी आपत्ति दर्ज कर सकता है, इसके लिए 45 दिन का समय दिया जाता है |

यदि किसी व्यक्ति को कोई आपत्ति है, तो आपत्ति दर्ज करने के लिए दस्तावेजों के साथ साक्ष्य भी प्रप्तुत करना पड़ता है | निर्धारित समय- सीमा समाप्त होने के बाद यदि कोर्ट को कोई आपत्ति नहीं मिलती है, तो न्यायालय द्वारा याचिकाकर्ता के पक्ष में उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र या सक्सेशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है |

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उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र फीस (Successor Certificate Fee)

उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र जारी करने के लिए कोर्ट में फीस जमा करनी होती है | यह फीस निर्धारित नहीं होती है, बल्कि यह मृत व्यक्ति की प्रापर्टी के हिसाब से होती है | प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को यह शुल्क न्यायिक स्टांप पेपर के रूप में देनी होती है |

उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र में इन बातों का रखे ध्यान

  • उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, परन्तु संपत्ति पर अधिकार प्राप्त करने के लिए सिर्फ यह पर्याप्त नहीं है, इसके साथ-साथ मृत्यु प्रमाण पत्र की भी आवश्यकता होती है |  
  • यदि याचिका को चुनौती नहीं दी जाती है, तो न्यायलय द्वारा यह प्रमाण पत्र 5 से 7 महीनों में जारी कर दिया जाता है |

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उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (Online Application Process For Successor Certificate)

उत्तराधिकार प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहले लेखपालों के चक्कर लगानें  पड़ते थे। इसके बाबजूद महीनों बाद ही आप को प्रमाण पत्र जारी किया जाता था। वही अब इसके लिए आप घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं अथवा आप जन सेवा केंद्र के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यदि आप स्वयं ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया इस प्रकार है-

  • सबसे पहले आपको विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट http://vaad.up.nic.in/index2.html पर जाएँ |
  • वेबसाइट पर पहुंचने के पश्चात आपको ‘उत्तराधिकार / वरासत हेतु आवेदन पत्र हेतु आवेदन पत्र’ के लिंक पर क्लिक करे।
  • अब आपके सामनें एक पेज ओपन होगा, यहां आपको सबसे पहले अपने अकाउंट में लॉगइन करना होगा। अकाउंट में लॉग-इन करने के लिए आपको अपना मोबाइल नंबर भरना है, इसके बाद मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजे बटन पर क्लिक करे |
  • अब आपके मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा, जिसे आपको नीचे दिए गए बॉक्स में भरना होगा | इसके पश्चात आप को साइड में दिए गए कैप्चा कोड को सामने दिए गए बॉक्स में भर कर लॉग-इन बटन पर क्लिक करना होगा |
  • लॉग-इन पर क्लिक करे ही आप अपने अकाउंट में लॉग-इन हो जाएंगे |
  • अब आपको ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उत्तराधिकार / वरासत हेतु आवेदन (प्रपत्र आर० सी० 9 पूर्व में प क – 11) की लिंक पर क्लिक करना होगा |
  • लिंक पर क्लिक करते ही आपके सामने आवेदन पत्र खुलकर आ जायेगा | (आवेदन पत्र को सही तरीके से सावधानी पूर्वक को भरने के लिए इसे चार भागों में विभाजित किया गया है)

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पहला भाग  

पहले भाग में आपको अपनी जानकारी जैसे-  आवेदन कर्ता का नाम, पिता का नाम, आधार कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर आदि भरनें के पश्चात आगे बढ़े बटन पर क्लिक करना होगा।

दूसरा भाग  

दूसरे भाग में आपको मृतक अथवा विवाहित / पुर्नविवाहित खातेदार, जिसकी मृत्यु / विवाह अथवा पुनर्विवाह के कारण उत्तराधिकार का दावा किया जाना है। उसका विवरण भरनें के बाद आगे पढ़े बटन पर क्लिक करे।

तीसरा भाग  

तीसरे भाग में मृतक / विवाहित / पुर्नविवाहित खातेदार की जिस भूमि अथवा भूखंड पर अधिकार प्राप्त करना चाहते है, उसका विवरण भरना होगा। उत्तराधिकार की जमीन, प्रॉपर्टी जिस जनपद, तहसील, परगना अथवा ग्राम में स्थित है। उन सभी का पूर्ण विवरण और खाता – खतौनी, गाटा संख्या आदि से सम्बंधित सभी जानकारी भरनी होगी।

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चौथा भाग  

चौथे और अंतिम भाग में आपको आवेदन पत्र में मृत / विवाहित अथवा पुनर्विवाह खातेदार के सभी विधिक उत्तराधिकारी का विवरण भरना होगा, अर्थात इस पेज पर जितने भी उस संपत्ति में उत्तराधिकारी होंगे, उन सभी का विवरण भरना होगा। विवरण में सभी का नाम, पिता का नाम, पति अथवा संरक्षक का नाम, उनकी उम्र और मृतक / विवाहित / पुर्नविवाहित खातेदार के साथ उनका संबंध आदि भरना होगा।

फार्म में पूछी गयी सभी जानकारियां भरने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा। अब आपका आवेदन फार्म सबमिट हो जाएगा। आवेदन फॉर्म सबमिट होने के पश्चात आपके मोबाइल नंबर पर SMS द्वारा आपको सूचना प्रदान कर दी जाएगी। साथ ही आप स्क्रीन पर शो हो रहे स्लीप को भी प्रिंट आउट निकाल कर अपने पास सुरक्षित रख ले। भविष्य में अपने आवेदन पत्र की स्थिति चेक करने के लिए यह एसएमएस और प्रिंट आउट आपके काम आएगा।

उत्तराधिकार / वरासत प्रमाण पत्र का आवेदन पत्र PDF में डाउनलोड करने हेतुयहाँ क्लिक करे

उत्तराधिकार / वरासत प्रमाण पत्र के सामान्य नियम एंव निर्देश पढ़नें हेतु – यहाँ क्लिक करे  

आज के इस आर्टिकल में हमने आप को “उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र (Succession Certificate) कैसे बनता है“ के बारे में विस्तार से जानकारी यहाँ इस पेज पर दी है अगर फिर भी आप के मन में इससे संबंधित कोई प्रश्न हैं तो कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं हम आप के द्वारा पूछे गए प्रश्नो का उत्तर देने का पूरा प्रयास करेंगे |

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2 thoughts on “उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र (Succession Certificate) कैसे बनता है”

  1. मेरे पति के नाम से कुछ शेयर सर्टिफिकेट है , मेरे पति का देहांत हो चुका है मुझे ये शेयर बेचने है पर ये अब प्राइमरी मार्केट में अब नहीं बिक सकते जब तक मेरे नाम ना हो इन्हें मेरे नाम कराने के लिए उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र बनवाना है ,,, उचित मार्गदर्शन दे

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    • AAPAPNE YAHA KE TEHSILDAAR OFFICE JAYE ….WAHA SE EK FORM LE ISKE LIYE …..PHIR USKO FILL KRKE….JAROORI DOCUMENT USKE SATH LGA DE …AUR PHIR ISKO OFFICE SUBMIT KR DE…LOCAL REVENUE OFFICER AAP KE DWARA DI GAI JAANKARI KO CHEK KRENGE …PHIR EK REPORT TAHSILDAAR KO DENGE …USKE BAAD AAPKA UTTRADIKARI PRAMAN PATRA (उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र) JAARI KAR DIYA JAYEGA….

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