भारतीय संविधान में कितने भाग हैं | संविधान में कितने अनुच्छेद और अनुसूचियां है


भारत जोकि हमारा प्यारा देश है ये 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ था | स्वतंत्रता के बाद दिनांक 26 जनवरी सन 1950 को भारत एक लोकतांत्रिक और गणतंत्र देश बना, इसी दिन संविधान भारत में लागू हुआ |  क्या आपको पता है कि भारतीय संविधान को 26 नवम्बर 1949  को  संविधान सभा द्वारा पारित कर दिया गया  था ? लेकिन संविधान को 26 जनवरी 1950 को पूर्ण रूप से भारत में लागू किया गया | आज हम आपको यहाँ भारतीय संविधान में कितने भाग, अनुच्छेद और अनुसूचियां है इसके बारे में बताएँगे में विस्तार से बताएँगे |

जब संविधान बना था तब उस समय संविधान में  कुल 22 भाग और 8 अनुसूचियां थीं  | संविधान में संवैधानिक संशोधनों के पश्चात अनुसूचियों की संख्या 8 से बढ़कर 12 हो गई है । संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत क्रमशः संविधान के 73वें और 74वें संशोधन द्वारा 11वीं एवं 12वीं अनुसूची को संविधान में सम्मिलित किया गया हैं ।

26 जनवरी को ही क्यों लागू हुआ संविधान



इस पोर्टल के माध्यम से यहाँ भारतीय संविधान में कितने भाग, अनुच्छेद और अनुसूचियां है  इसके बारे में पूर्ण रूप से बात होगी | साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य संविधान की महत्वपूर्ण बातों और उसकी प्रमुख विशेषताओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से संविधान के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |

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भारत के संविधान की अनुसूचियाँ

वर्तमान में भारतीय संविधान में कुल 12 अनुसूचियाँ है, जो इस प्रकार है-

प्रथम अनुसूची – इसके अंतर्गत भारत के 28 राज्य तथा 9 केंद्र शासित प्रदेशो का उल्लेख किया गया है

दूसरी अनुसूची – इसमें भारतीय संघ के पदाधिकारियों जैसे- लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष , राष्ट्रपति ,राज्यपाल, राज्य सभा के सभापति एवं उपसभापति ,विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष,विधान परिषद् के सभापति एवं उपसभापति, उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों और भारत के नियत्रंक महालेखा परीक्षक आदि को प्राप्त होनें वाले वेतन, भत्ते तथा पेंशन का विवरण दिया गया है |

तीसरी अनुसूची – भारतीय संविधान की तीसरी अनुसूची में भारत के विभिन्न पदाधिकारियों जैसे- राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की शपथ का उल्लेख है |

चौथी अनुसूची – इसके अंतर्गत राज्यों तथा संघीय क्षेत्रो की राज्यसभा में प्रतिनिधित्व का विवरण दिया गया है |

पाँचवी अनुसूची – इसमें अनुसूचित क्षेत्रों तथा अनुसूचित जनजाति के प्रशासन व नियंत्रण के बारे में उल्लेख है |

छठी अनुसूची – इसमें असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों के जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के बारे में प्रावधान  हैं |

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सातवी अनुसूची – इसके अंतर्गत केंद्र व राज्यों के मध्य शक्तियों के विभाजन के बारे में बताया गया है, इसके अंतर्गत तीन सूचियां इस प्रकार है-

  • संघ सूची – संघ सूची के अंतर्गत 100 विषय है, इन विषयों पर कानून बनाने का अधिकार केवल केंद्र को प्राप्त है, संविधान लागू होने के समय इसमे 97 विषय थे |
  • राज्य सूची – इस सूची में 61 विषय है, जिन पर कानून बनाने का अधिकार केवल राज्य को है, परन्तु राष्ट्रहित से सम्बन्धित मामलो में केंद्र द्वारा कानून बनाया जा सकता है, संविधान के लागू होने के समय इसमे 66 विषय थे |
  • समवर्ती सूची – इसके अंतर्गत 52 विषय है, इन पर केंद्र व राज्य दोनों कानून बना सकते है, परन्तु कानून के विषय समान होने पर केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया कानून मान्य होता है, राज्य द्वारा बनाया गया कनून केंद्र द्वारा बनाने के बाद समाप्त हो जाता है, संविधान के लागू होने के समय इसमे 47 विषय थे |

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आठवी अनुसूची – इसमें भारतीय संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त 22 भाषाओं का उल्लेख किया गया है| मूल संविधान में 14 मान्यता प्राप्त भाषाए थी | सन 2004 में चार नई भाषाए मैथली, संथाली, डोगरी और बोडो को सम्मिलित किया किया गया है |

नौंवी अनुसूची – यह अनुसूची प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम 1951 द्वारा जोड़ी गयी थी, इस अनुसूची में सम्मिलित विषयों को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती, परन्तु यदि कोई विषय मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करे, तो उच्चतम न्यायालय इस कानून की समीक्षा कर सकता है, अभी तक नौंवी अनुसूची में 283 अधिनियम है, जिनमे राज्य सरकार द्वारा सम्पति अधिकरण का उल्लेख प्रमुख है |

दसवी अनुसूची- इसे 52वें संविधान संशोधन अधिनियम 1985 द्वारा मूल संविधान में जोड़ा गया, इस अनुसूची में दल-बदल सम्बन्धित कानूनों का उल्लेख किया गया है |

ग्यारहवी अनुसूची- यह अनुसूची 73वें संविधान संशोधन अधिनियम 1992 द्वारा मूल संविधान में जोड़ा गया,  यह अनुसूची पंचायती राज से सम्बन्धित है, जिसमे पंचायती राज से सम्बन्धित 29 विषय है |

बारहवी अनुसूची- यह अनुसूची 74वें संविधान संशोधन अधिनियम 1992 द्वारा मूल संविधान में जोड़ा गया, इसमें शहरी क्षेत्रों के स्थानीय स्वशासन संस्थानों से सम्बन्धित 18 विषय है |

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संविधान के भाग, अनुच्छेद एवं प्रावधान

भागअनुच्छेद         प्रावधान
भाग 1अनुच्छेद 1 से 4संघ और उसका राज्य क्षेत्र, नए राज्य का निर्माण
भाग 2अनुच्छेद 5 से 11नागरिकता
भाग 3अनुच्छेद 12 से 35मौलिक अधिकार
भाग 4अनुच्छेद 36 से 51राज्य के नीति निर्देशक तत्व
भाग 4एअनुच्छेद 51 एमौलिक कर्त्तव्य
भाग 5अनुच्छेद 52 से 151संघ सरकार
भाग 6अनुच्छेद 152 से 237राज्य सरकार से सम्बंधित
भाग 7अनुच्छेद 2387 वें  संशोधन द्वारा संविधान से हटा दिया गया है
भाग 8अनुच्छेद 239 से 242केंद्र शासित प्रदेशों का प्रशासन
भाग 9अनुच्छेद 243 से 243ओपंचायते
भाग 9अनुच्छेद 243पी से 243 जेडजीनगरीय निकाय
भाग 18अनुच्छेद 352 से 360आपात उपबंध
भाग 20अनुच्छेद 368संविधान संशोधन
भाग 22अनुच्छेद 393 से 395संक्षिप्त नाम, प्रारंभ और निरसन हिंदी में प्राधिकृत पाठ

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