आईपीसी धारा 503 क्या है | IPC Section 503 in Hindi – विवरण


आईपीसी धारा 503 क्या है

आज हम आपके लिए इस पेज पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 503 (आपराधिक अभित्रास) की जानकारी लेकर आये है | यहाँ हम आपको बताएँगे  कि भारतीय दंड सहिता (IPC) की धारा 503 किस प्रकार से परिभाषित की गई है और इसका क्या अर्थ है ? भारतीय दंड संहिता यानि कि आईपीसी (IPC)  की धारा 503 क्या है,  इसके बारे में आप यहाँ जानेंगे |

आपराधिक अभित्रास क्या है

इस पोर्टल के माध्यम से यहाँ धारा 503 (आपराधिक अभित्रास)क्या बताती है ? इसके बारे में पूर्ण रूप से बात होगी | साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य भारतीय दंड संहिता (IPC) की महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |

आईपीसी धारा 500 क्या है



IPC (भारतीय दंड संहिता की धारा) की धारा 503 के अनुसार :-

आपराधिक अभित्रास

जो कोई किसी अन्य व्यक्ति के शरीर ख्याति या सम्पत्ति को या किसी ऐसे व्यक्ति के शरीर या ख्याति को, जिससे कि वह व्यक्ति डितबद्ध हो कोई क्षति करने की धमकी उस अन्य व्यक्ति को इस आशय से देता है कि उसे संत्रास कारित किया जाए, या उससे ऐसी धमकी के निष्पादन का परिवर्जन करने के साधन स्वरूप कोई ऐसा कार्य कराया जाए. जिसे करने के लिए वह वैध रूप से आबद्ध न हो, या किसी ऐसे कार्य को करने का लोप कराया जाए, जिसे करने के लिए वह वैध रूप से हकदार हो, वह आपराधिक अभिवास करता है |

स्पष्टीकरण किसी ऐसे मृत व्यक्ति की ख्याति को क्षति करने की धमकी जिससे वह व्यक्ति, जिसे धमकी दी गई है, हितबद्ध हो, इस धारा के अन्तर्गत आता है ।

दृष्टांत

सिविल वाद चलाने से उपरत रहने के लिए ख को उत्प्रेरित करने के प्रयोजन से ख के घर को जलाने की धमकी क देता है | क आपराधिक अभित्रास का दोषी है।

IPC Section 503 –   “Criminal intimidation”–

“Whoever threatens another with any injury to his person, reputation or property, or to the person or reputation of any one in whom that person is interested, with intent to cause alarm to that person, or to cause that person to do any act which he is not legally bound to do, or to omit to do any act which that person is legally entitled to do, as the means of avoiding the execution of such threat, commits criminal intim­idation.”

Explanation.— A threat to injure the reputation of any deceased person in whom the person threatened is interested, is within this section.

Illustration

A, for the purpose of inducing B to desist from prosecuting a civil suit, threatens to burn B’s house. A is guilty of criminal intimidation.

आईपीसी धारा 504 क्या है 

भारतीय दंड संहिता की धारा 503 के लिए आवश्यक  तत्व

यह धारा 503 किसी व्यक्ति द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को आपराधिक धमकी देने से सम्बन्धित होती है, इस धारा में सबसे प्रमुख तत्व यह होता है  कि उस अपराधी द्वारा किसी व्यक्ति के शरीर या संपत्ति या उसके किसी सगे सम्बन्धी या मित्र को हानि पहुंचाने की धमकी दी जाती है, तब यहाँ  उस अपराधी को भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के प्रावधानों द्वारा दण्डित किया जाता है, क्योंकि धारा 503 के अपराध की सजा भारतीय दंड संहिता की धारा 506 में दी गयी है।

आईपीसी धारा 506 क्या है

मित्रों उपरोक्त वर्णन से आपको आज भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 503 के बारे में जानकारी हो गई होगी | कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट  बॉक्स  के  माध्यम  से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है | इसको अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करें |

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