आईपीसी धारा 304B क्या है | IPC Section 304B in Hindi – सजा का प्रावधान


आईपीसी धारा 304B क्या है

आज हम आपके लिए इस पेज पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304B की जानकारी लेकर आये है | यहाँ हम आपको बताएँगे  कि भारतीय दंड सहिता (IPC) की धारा 304B किस प्रकार से परिभाषित की गई है और इसका क्या अर्थ है ? भारतीय दंड संहिता यानि कि आईपीसी (IPC) की धारा 304B क्या है,  इसके बारे में आप यहाँ जानेंगे |

दहेज मृत्यु

इस पोर्टल के माध्यम से यहाँ धारा 304B क्या बताती है ? इसके बारे में पूर्ण रूप से बात होगी | साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य भारतीय दंड संहिता (IPC) की महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |



आईपीसी धारा 302 क्या है

IPC (भारतीय दंड संहिता की धारा) की धारा 304B के अनुसार :-

दहेज मृत्यु

(1) जहाँ किसी स्त्री की मृत्यु किसी दाह या शारीरिक क्षति द्वारा कारित की जाती है या विवाह के सात वर्ष के भीतर सामान्य परिस्थितियों से अन्यथा हो जाती है और यह दर्शित किया जाता है कि उसकी सत्य के कछ पूर्व उसके पति ने या उसके पति के किसी नातेदार ने, दहेज की किसी मांग के लिए, या उसके सम्बन्ध में. उसके साथ क्रूरता की थी या उसे तंग किया था, वहाँ ऐसी मृत्यु को “दहेज मृत्यु” कहा जाएगा, और ऐसा पति या नातेदार उसकी मृत्यु कारित करने वाला समझा जाएगा।

स्पष्टीकरण-

इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए “दहेज”का वही अर्थ है जो दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 (1961 का 28) की धारा 2 में है।

(2) जो कोई दहेज मृत्यु कारित करेगा वह कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष से कम की नहीं होगी किन्तु जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा।]

टिप्पणी

संविधान के अनुच्छेद 20 (1) के द्वारा प्रदत्त संरक्षण के कारण धारा 304-ख अधिनियमित और प्रवर्तित किये जाने से पूर्व कारित किये गये कार्य धारा 304-ख के तहत दण्डनीय नहीं हैं। सोनी देवराजा भाई बनाम राज्य, 1991Cr. L.J. (SC)31351

आईपीसी धारा 304 क्या है

Section 304B –   “Dowry Death”—–

(1) Where the death of a woman is caused by any burns or bodily injury or occurs otherwise than under normal circumstances within seven years of her marriage and it is shown that soon before her death she was subjected to cruelty or har­assment by her husband or any relative of her husband for, or in connection with, any demand for dowry, such death shall be called “dowry death”, and such husband or relative shall be deemed to have caused her death.

Explanation.—For the purpose of this sub-section, “dowry” shall have the same meaning as in section 2 of the Dowry Prohibition Act, 1961 (28 of 1961).

(2) Whoever commits dowry death shall be punished with imprison­ment for a term which shall not be less than seven years but which may extend to imprisonment for life.

आईपीसी धारा 307 क्या है

मित्रों उपरोक्त वर्णन से आपको आज भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304B के बारे में जानकारी हो गई होगी | कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट  बॉक्स  के  माध्यम  से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है | इसको अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करें |

आईपीसी धारा 308 क्या है

यदि आप अपने सवाल का उत्तर प्राइवेट चाहते है तो आप अपना सवाल कांटेक्ट फॉर्म के माध्यम से पूछें |

Leave a Comment