लीगल नोटिस क्या होता है | Legal Notice Format in Hindi (Explained)

कई बार आपसी सम्बन्ध बेहतर होने के कारण सामने वाला हमारे साथ गलत करता है और  हम सब कुछ सहन करते रहते है | एक समय ऐसा आता है, जब यह सब हमारी सहनशक्ति से बाहर हो जाता है | ऐसे में हम लीगल नोटिस के माध्यम से अपना अधिकार ले सकते है | जब कभी आपको ऐसा लगे कि सामनें वाले व्यक्ति नें हमारे साथ गलत किया है, अथवा  किसी बात के लिए धोखा दिया है, ऐसे समय में लीगल नोटिस भेजा जा सकता है |

लीगल नोटिस किसी का चेक बाउंस होनें या किसी के कारण कोई बहुत बड़ा नुकसान हुआ है, ऐसे में कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत नोटिस भेज सकते है| लीगल नोटिस भेजने से सामने वाला व्यक्ति आपकी बात सुनने के लिए बाध्य होता है । तो आईये जानते है, कि लीगल नोटिस क्या होता है, लीगल नोटिस क्यों भेजा जाता है और इसे भेजने के लिए कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए ?

प्रमुख कानूनी शब्दावली

लीगल नोटिस क्या होता है (What is Legal Notice)

लीगल नोटिस को हम दूसरे शब्दों में सिविल थ्रेट भी कहते है | इस नोटिस के माध्यम से हम विपक्षी पार्टी को किसी प्रकार का दावा अर्थात क्लेम, चेतावनी या इच्छा अनुसार कोई शर्त मनाने के लिए सूचित करते हैं | कानूनी नोटिस के माध्यम से आप विपक्षी पार्टी को यह जानकारी देते है, कि यदि आप उनकी शर्तों को नहीं मानते है, तो आपके विरुद्द कानूनी कार्यवाही कर देंगे, इसलिए वह आपकी शर्तों को मान ले |

दूसरे शब्दों में आप लीगल नोटिस के माध्यम से सामनें वाले व्यक्ति को सिविल धमकी दे रहे हैं | आपको बता दें, कि  लीगल नोटिस सिर्फ रिकवरी केस में ही भेजा जाता है | लीगल नोटिस सेक्शन 18 सीपीसी के तहत कार्य करता है और किसी भी तरह के सिविल रिकवरी के केस को फाइल करने से पहले आपको लीगल नोटिस भेजना आवश्यक होता है |

लीगल नोटिस के द्वारा हम अपने प्रतिद्वंदी को यह जानकारी देते है, कि उसके द्वारा कानून का उल्लंघन किया गया है, और उससे हमें क्या नुक्सान हुआ है अथवा हो सकता है, कैसे हुआ है | आपको अपनी गलती सुधारनें के लिए हमारी शर्ते माननी होगी, जो इस नोटिस पर समय सीमा के साथ अंकित है | यदि निर्धारित समय के अन्दर आपकी शर्तो के अनुसार कार्य नही किया तो आप क़ानूनी कार्यवाही कर देंगे और दी गई समय सीमा के बाद आप क़ानूनी कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र है |

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लीगल नोटिस कब, किसे और क्यों भेजना चाहिए (When, Whom and Why Should You Send a Legal Notice)

जब कभी आपको ऐसा लगे कि आपके साथ किसी नें धोखा किया है, तो आप उसे लीगल नोटिस भेज सकते है | किसी भी तरह के सिविल रॉंग के लिए आपको पहले लीगल नोटिस भेजना आवश्यक होता है | जैसे- आपका चेक बोउन्स हो गया है, किसी से आप को अपना बकाया पैसा लेना है, किसी ने आपका कोई नुकसान कर दिया है, ऐसे में आप पहले कानूनी नोटिस भेज सकते है | इसके साथ ही आप किसी कम्पनी, किसी संस्था, सरकारी या गैर सरकारी विभाग को कानूनी नोटिस भेज सकते है, परन्तु इसके लिए या आवश्यक है, कि आप उस व्यक्ति या संस्था से प्रभावित हुए हो या भविष्य में उससे प्रभावित होनें कि संभावना हो | 

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लीगल या कानूनी नोटिस कैसे बनायें (How to Create Legal Notice)

एक लीगल नोटिस तभी भेजा जाता है, जब सामनें वाला व्यक्ति तय शर्तों को नहीं मनाता है, या माननें से इंकार कर देता है | लीगल नोटिस बहुत ही सावधानी से बनाना चाहिए क्योंकि लीगल नोटिस को कोर्ट में भेजनें के बाद उसे वापस नहीं लिया जा सकता है | वैसे तो जब कभी इस तरह कि नोटिस कि बात आये तो, यह कार्य किसी अच्छे वकील को ही देना चाहिए ताकि गलती होनें की गुंजाइश ना हो और हमारा कार्य आसानी हो जाए। लीगल नोटिस बनानें की प्रक्रिया इस प्रकार है-       

  • लीगल नोटिस में सबसे ऊपर दिनांक लिखी जाती है, क्योंकि इससे यह जानकारी प्राप्त होती है, कि यह नोटिस कब बनाया गया है| इसके बाद नोटिस भेजने वाले का नाम एवं पता लिखे |
  • यदि आप यह नोटिस एक से अधिक लोगो के भेज रहे है, तो क्रम संख्या लिखकर ही नाम लिखे |
  • इसके बाद नोटिस में सब्जेक्ट लिखने के स्थान पर नोटिस का टाइटल लिखें, इससे यह बात स्पष्ट हो जाएगी कि आपने कानूनी नोटिस भेजा है।
  • आप लीगल नोटिस कोरियर, स्पीड पोस्ट से भी भेज सकते हैं, जिसका पूर्ण विवरण देना चाहिए।
  • इसके बाद उस कंपनी, व्यक्ति को संबोधित करें और अपनी बात को कम से कम और साधारण शब्दों में स्पष्ट रूप से लिखें साथ ही उचित कदम न उठाने पर स्थिति का विवरण  दे। 
  • आपकी जो भी शर्तें हो या जैसा आप चाहते है, उन सभी शर्तों का विवरण नोटिस में लिखे।
  • यह नोटिस आप किस कारणवश भेज रहे है, उसका पूरा विवरण दें, इससे आपकी विपक्षी पार्टी को नोटिस देनें का कारण स्पष्ट हो जायेगा |
  • आपनें अपनी शर्तों और बातों को मानने के लिए जो समय – सीमा निर्धारित की है, उसका विवरण दें |
  • किसी भी प्रकार से आपकी शर्त पूरी न होनें की स्थिति में उससे होनें वाले नुकसान की राशि का विवरण देने के साथ ही न्यायलय जानें की बात स्पष्ट करें |
  • लीगल नोटिस के प्रत्येक पेज पर अपने हस्ताक्षर करें।
  • जिस व्यक्ति या कंपनी को नोटिस भेजा जा रहा है उसे नोटिसी कहते है| यदि यह नोटिस एक से अधिक लोगो को भेजी जा रही है, तो नोटिसी 1 और नोटिसी 2 के नाम से भी संबोधित किया जा सकता है।  

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लीगल नोटिस भेजने की समय सीमा (Deadline for Sending Legal Notice)

वैसे तो सभी क़ानूनी कार्यों के लिए समय-सीमा निर्धारित होती है, जैसे चेक बाउंस होनें के केस में बैंक से चेक बाउंस स्लिप मिलनें के एक माह या 30 दिनों के अंदर लीगल नोटिस भेजना होता है | परन्तु कई ऐसी क़ानूनी चीजे है, जो आपकी जानकारी में आने के बाद से ही उनकी टाइम लिमिट शुरू होती है, और वह अगले 3 वर्ष तक रहती है | उदाहरण के लिए यदि आपके साथ किसी व्यक्ति या संस्था ने कुछ गलत किया है अथवा आपका नुकसान किया है, और जब आप को इसकी जानकारी हुई, तब आपने इसके लिए लीगल नोटिस की या अन्य क़ानूनी कार्यवाही शुरू की, ऐसे प्रकरण की समय सीमा उसी समय से शुरू होती है |

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लीगल नोटिस भेजने से लाभ (Benefits of Sending Legal Notice)

लीगल नोटिस भेजने से कई प्रकार के लाभ होते है, क्योंकि ऐसे कई मामले होते हैं, जो लीगल नोटिस भेजने के बाद सुलझ जाते हैं | जैसे कि यदि आपको किसी व्यक्ति से अपना बकाया धन लेना है, तो आप उनको एक टाइम पीरियड दे सकते हैं कि इस समय – सीमा  के अंदर वह आपका यह पैसा लौटा दे, अन्यथा आप कोर्ट में उनके खिलाफ मुकदमा दायर कर देंगे। उसके बाद होता यह है, कि कोई भी व्यक्ति कोर्ट कचहरी मुकदमों के चक्कर में नहीं पड़ना चाहता, कोशिश यही होती है कि वह आपके पैसे वापस कर दे।

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लीगल नोटिस आने पर क्या करें (What To Do If You Get a Legal Notice)

जब कभी लीगल नोटिस आती है, तो हमारे मन में एक शंका उत्पन्न होती है, कि यह नोटिस रिसीव करे या नहीं | वैसे तो कोई भी लीगल पेपर आने पर उसे रिसीव कर लेना चाहिए, ताकि हमें यह जानकारी प्राप्त हो सके कि आप के खिलाफ क्या हो रहा है? कई बार लोग नोटिस लेने से मना कर देते हैं, और उनकी यह रिपोर्ट जब कोर्ट के सामने आती है, तब कोर्ट आपके इस लीगल नोटिस को रिसीव ही मानेगा और आप के खिलाफ उस केस को स्वीकार कर लिया जाएगा, इसलिए यही बेहतर है कि आप नोटिस को अवश्य रिसीव करें |

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लीगल नोटिस Format

Notice By Tenant To Determine Lease

ADVOCATE        OFFICE Address_________

Contact No.: ______________     Email:_________________

Ref. No._____        Dated:___________

REGISTERED A.D.

LEGAL NOTICE

To,  (Name and Address of the Recipient.)

______ Son of _____

Resident of ______________

Sir,

Having instructions from and on behalf of my client _____ son of _____R/o _____, I do hereby serve you with the following legal notice:

That my client is the owner of _____.

That my client let out the shop, SCO No.________, measuring ______sq.metres to you in the month of _____, _____on a monthly rent of _____/- per month plus _____/- per month as maintenance charges.

You and my client entered into Rent Agreement on _____ for the period of _____ months.

That it was also settled between you and my client that in case you fail to pay the monthly rent consecutively for a period of two months to my client, then my client shall be entitled to get the rented premises vacated immediately and you would handover the actual physical possession of the rented premises to my client.(Statement of facts.)

That you have paid the rent of the rented premises to my client upto the _____ and thereafter you have not made any payment till date. (Cause of action.)

That my client demanded the rent due to him _____/- per month for the months of _____ amounting to _____/.

That as per the terms and conditions of the Rent Agreement, the said Rent Agreement was executed for the period of only _____ months i.e. upto _____ and the period of tenancy has already been completed, therefore, the Rent Agreement dated _____ has expired. Now my client is not interested in continuing with the tenancy and wants you to vacate the said premises.(Reason for eviction).

I, therefore, through this legal notice call upon you to pay the due amount of rent _____/- along maintenance charges and interest and vacate the premises of my client immediately, within _____ days from the date of receipt of this legal notice. (Relief demanded by the Plaintiff).

In case you fail to do so, then my client has given me clear instructions to file legal proceedings against you in the competent court of law under the provisions of the Indian Contract Act and other applicable laws. In that event you shall be fully responsible for all costs, risks and responsibilities. (Legal basis).

A copy of this legal notice is retained in my office for record and further necessary action.

Advocate.

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Notice By Advocate Claiming Damages For Defamation

……………Advocate …………………………..                  …………………….. Date …………………….

TO,

Shri …………………..

Dear Sir, Under instructions from my client Shri X, I have to call upon you to pay the principal amount together with interest due on the deed of mortgage dated the ………………….. day of ………………….., 2020, made between yourself of the ONE PART and the said X of the OTHER PART, which has become due and repayable to the said X on the ………………….. day of …………………., 2020, failing which, I have the instructions to file a suit against you for foreclosure of the mortgage property.

Yours faithfully

XYZ…………………..

Advocate

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Notice By Purchaser For Specific Performance Of An Agreement Registered A.D

…………………………….. …………………………….. …………………………….. Date

TO, ……

…………

Dear Sir, Re: Sale of House No. ………, situated at ………………………….. You had agreed to sell the house No. …………….., situated at ………………………………… to me vide an Agreement for sale dated ………………….. executed between me of the ONE PART and you of the OTHER PART and as per clause …………. of the said Agreement for sale, the Deed of Conveyance, is to be completed within …………………. months from the date of said Agreement. 2. I hereby give you notice that I the undersigned …………………. was and am still ready and willing to complete the purchase, subject to your performing your part of the said agreement and I require you to complete the same and if you fail to complete the same within ……………… days from the date hereof, I shall file a suit against you for specific performance of the said agreement for sale with damages and costs.

Yours faithfully,

 ……………….

शपथ पत्र (Affidavit) क्या होता है

Cheque bounce notice

In case of dishonor of cheques, a legal notice is filed under Section 138 of the Negotiable Instruments Act.

Sample legal notice in case of dishonour of cheque:

Registered A.D.

Legal Notice

To,           Dated:

Mr. X, (The Name and Address of the Recipient.)

Dear Sir,

Under the instruction and authority from my client Mr. ABC (hereinafter referred to as my ‘client’), I do hereby serve upon you the following notice under Section 138 of the Negotiable Instrument Act, 1881:

That my client and you know each other for the last 2 years and on that account you demanded a friendly loan of Rs.6,00,000 from my client in the month of June. My client loaned you the said amount.

That earlier, you issued a cheque dated 27th July, 2019 for Rs.6,00,000 drawn on _______, in order to discharge your liability.

That when the cheque was presented for encashment by my client the same was returned unpaid by the banker with the reason of “Insufficient Funds”. My client informed you about it through telephone.(Statement of facts)

That despite various reminders, you failed to pay the due amount to my client. You tried to avoid the matter. This is why my client is left with no other option but to present you with legal notice.(Cause of action)

That you have failed to comply with the provisions of the law and also failed to discharge your liability from your account and the same cheque was dishonoured intentionally and willfully.

That, either you discharge your liability towards my client in the next 15 days or criminal and civil charges will be framed against you, and you can be punished for imprisonment which may extend to two years, or with fine which may extend to twice the amount of the cheque, or with both. (Relief claimed and legal basis)

Advocate

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