शपथ पत्र (Affidavit) क्या होता है | शपथ पत्र कैसे बनवाये – फ़ीस और प्रारूप


शपथ पत्र (Affidavit) क्या होता है

शपथ पत्र (Affidavit) एक लिखित ऐसा दस्तावेज होता है जो की किसी न्यायालय या मजिस्ट्रेट द्वारा नियुक्त शपथपत्र अधिकारी के समक्ष, शपथकर्ता का अपनी सहमति यानि की बिना किसी दबाव के शपथपत्र पर प्रतिज्ञा (लिखित कथन) होता है।

शपथपत्र पत्र (Affidavit) शपथकर्ता अपनी निजी जानकारी और सत्यता के आधार पर इसमें कथन उल्लेखित होते है, जिन पर उन्हें पूर्ण विश्वास होता है, उसमें दी गयी प्रत्येक जानकारी उसके निजी ज्ञान से पूर्णतः सत्य और सही होती है। आप यह शपथ पत्र प्राप्त करने के लिए उस क्षेत्र की कचहरी या ऑनलाइन के माध्यम से भी बनवा सकते है | इसके लिए प्रक्रिया बहुत आसान होती है, यदि आप भी शपथ पत्र (Affidavit) क्या होता है, शपथ पत्र कैसे बनवाये – फ़ीस और प्रारूप, इसके बारे में जानना चाहते है तो यहाँ पर पूरी जानकारी दी जा रही है |

एफआईआर (FIR) क्या होता है


शपथ पत्र (Affidavit) क्या है

सामान्य शब्दों में शपथ पत्र (Affidavit) का अर्थ हलफनामा या प्रतिज्ञा से किया गया है. जिसका प्रयोग एक साक्ष्य के रूप में किया जाता है। यह अस्तित्व के लिए assurity प्रदान करता है और अंकों यानि की जानकारी का सही उल्लेख करता हैं।

इस प्रकार के बयान में तथा इस तरह की एक नोटरी पब्लिक या शपथ आयुक्त के रूप में शपथ लेने वाला एक, द्वारा शपथ प्राप्तकर्ता के हस्ताक्षर की प्रामाणिकता को एक रूप में देखा जाता है।

अगर साधारण शब्दों में कहा जाए तो शपथ पत्र (Affidavit) एक ऐसा प्रमाणपत्र होता है जिसमे व्यक्ति अपने से सम्बंधित जानकारी व अपने ज्ञान के बेस पर अपने कथनो को लिखित करके सत्यता की घोषणा करता है अर्थात शपथ ग्रहण करता है।

आईपीसी धारा 427 क्या है

शपथ पत्र कैसे बनवाये

शपथ पत्र को दो तरीकों से बनवाया जा सकता है, इसे आप ऑनलाइन या ऑफलाइन यानि की डायरेक्ट दोनों तरीकों से बनवा सकते है | इसे ऑनलाइन प्राप्त करने के लिए आप घर बैठे ही आवेदन करके प्राप्त कर सकते है, तथा ऑफलाइन प्राप्त करने के लिए आपको कचहरी जाना पड़ेगा |

ऑनलाइन शपथ पत्र

ऑनलाइन शपथ पत्र (Affidavit) आप तीन आसान चरणों में घर बैठे बनवाकर प्राप्त कर सकते है, जिनकी जानकारी इस प्रकार है |

  1. सर्व प्रथम ऑनलाइन माध्यम से Affidavit की आधिकारिक वेबसाइट पर जाये |
  2. अब मांगी गई जानकारी को सही – सही भरें |
  3. अब दिए गए निर्देशों का पालन करे |
  4. अब भविष्य के लिए प्रिंट लेना न भूलें |

सरकारी वकील क्या होता है

शपथ पत्र (Affidavit) ऑफलाइन

इसके लिए शपथ-पत्र में शपथकर्ता प्रतिज्ञा लेकर अपना बयान देता है कि वह जो कुछ भी जानकारी इसमें दे रहा है वह पूरी तरह से सच है। इसके बाद फिर वह अपने दस्तखत अर्थात साइन (Sign) करता है और फिर उस बयान को ओथ कमिश्नर या नोटरी पब्लिक द्वारा प्रमाणित करवाता है। जिसके बाद वह प्राप्त करके इसका प्रयोग कर सकता है |

शपथ पत्र (Affidavit) प्रारूप

शपथ पत्र हमेशा किसी स्टाम्प पेपर पर ही लिखा जाता है, शपथपत्र में दी जाने वाली जानकारी इस प्रकार है, तथा इसका प्रारूप यह होता है :-

वकील (अधिवक्ता) कैसे बने 

शपथ पत्र (Affidavit) की फीस

भारत के सभी राज्यों का अपना-अपना ‘स्टाम्प ड्यूटी एक्ट’ लागू किया गया है जिस वजह से सभी राज्यों में फीस का निर्धारण भी अलग – अलग किया गया है। सामान्यतः अगर देखा जाये तो 10 रुपये से लेकर 100 रुपए तक के स्टांप पेपर पर ऐफिडेविट तैयार किया जाता है। यानि कि संबंधित अथॉरिटी की डिमांड के मुताबिक ऐफिडेविट के लिए स्टांप पेपर का प्रयोग किया जाता है।

आईपीसी धारा 304 क्या है

यदि आप अपने सवाल का उत्तर प्राइवेट चाहते है तो आप अपना सवाल कांटेक्ट फॉर्म के माध्यम से पूछें |

6 thoughts on “शपथ पत्र (Affidavit) क्या होता है | शपथ पत्र कैसे बनवाये – फ़ीस और प्रारूप”

  1. नोटरी एवं ओथ कमिश्नर में मुख्यत: क्या अंतर है |
    न्यायालय में प्रस्तुत किये जाने वाले दस्तावेजों को नोटरी से ही सत्यापन कराना आवश्यक है | अथवा ओथ कमिश्नर द्वारा सत्यापन पर्याप्त है |

    Reply
    • बहुत लोगों को वास्तव में जानकारी नहीं कि नोटेरी और शपथ आयुक्त में क्या अंतर है? दोनों का अंतर यहाँ स्पष्ट किया जा रहा है।
      नोटेरी के कार्य
      नोटेरी को नोटेरी अधिनियम-1952 के अंतर्गत नियुक्त किया जाता है। इस अधिनियम की धारा 8 में नोटेरियों द्वारा किए जा सकने वाले कार्यों का वर्णन किया गया है। ये कार्य इस प्रकार हैं …
      (क) किसी भी उपकरण (दस्तावेज) को सत्यापित करना, प्रमाणित करना या उस के निष्पादन को सत्यापित करना।
      (ख) किसी भी वचनपत्र, हुंडी या स्वीकृति या भुगतान या मांग बेहतर सुरक्षा के लिए विनिमय बिल को प्रस्तुत करना।
      (ग) किसी वचनपत्र, हुंडी या अंतरण बिल के गैर भुगतान द्वारा किए गए अनादरण, या भुगतान न किए जाने को अंकित करना और बेहतर सुरक्षा के लिए उन का विरोध अंकित करना या परक्राम्य अधिनियम के अंतर्गत उन का आदरण अंकित करना या उन के विरोध या अंकन की सूचना देना।
      (घ) किसी जहाज, नाव या घाट या वाणिज्यिक मामलों से संबंधित विरोध को अंकित करना या लिखना।
      (ङ) शपथ-पत्र के लिए शपथ दिलाना और शपथ पत्र को सत्यापित करना।
      (च) बांडों और चार्टर दलों के अन्य व्यापारिक दस्तावेज तैयार करना।
      (छ) भारत से बाहर किसी भी देश या स्थान के लिए वहाँ की विधि के अनुसार रूप और भाषा में ऐसे उपकरण (दस्तावेज) तैयार और प्रमाणित करना जिन का वहाँ काम में लिया जाना अभिप्रेत है।
      (ज) एक भाषा से दूसरी में अनुवाद करना और अनुवादित दस्तावेज को सत्यापित करना। एक और किसी भी एक भाषा से दस्तावेज सत्यापित करें.
      (झ) कोई भी किसी अन्य कार्य जो निर्धारित किया जाए।

      इस तरह नोटेरी के उक्त कार्य हैं। लेकिन आम लोगों का काम नोटेरी से तभी पड़ता है जब उन्हें कोई दस्तावेज जैसे अनुबंध, वसीयत, घोषणा पत्र, बांड आदि का निष्पादन सत्यापित कराना हो या प्रतिलिपि सत्यापित करानी हो या किसी शपथ पत्र का सत्यापन करवाना हो। इसी संदर्भ में नोटेरी को अधिक जाना जाता है।

      शपथ आयुक्त के कार्य
      शपथ आयुक्तों को दीवानी प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत नियुक्त किया जाता है। इन की नियुक्ति जिला जज, जिला कलेक्टर, हाईकोर्ट, राजस्व बोर्ड या अन्य अधिकृतों द्वारा की जाती है। शपथ आयुक्तों का काम उन के द्वारा नियोक्ता न्यायालय अथवा उस के अधीनस्थ न्यायालयों में प्रस्तुत किए जाने वाले शपथ-पत्रों को सत्यापित करना होता है। प्रत्येक न्यायालय में दावों, आवेदनों और अभिवचनों को प्रमाणित करने के लिए पक्षकार या किसी अन्य व्यक्ति का शपथ पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता होती है, जिस के लिए ये शपथ आयुक्त शपथ पत्र को निष्पादित करने वाले को शपथ दिला कर पूछते हैं कि शपथ पत्र में वर्णित कथन उस के ज्ञान एवं विश्वास से सही एवं सत्य हैं।

      शपथ पत्र बनाम नोटरी

      जीवन में कई परिस्थितियां आती हैं जब किसी को अपने दावों का समर्थन करने के लिए कानूनी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। अक्सर एक हलफनामे की आवश्यकता होती है जब कोई व्यक्ति कानूनी लाइसेंस प्राप्त करने की कोशिश कर रहा होता है जैसे ड्राइवर का लाइसेंस, टेलीफोन कनेक्शन, या संपत्ति खरीदते या बेचते समय। यह एक ऐसा दस्तावेज है जिसमें तथ्यों या जानकारी को माना जाता है कि वह व्यक्ति द्वारा सही और सही माना जाता है और सार्वजनिक नोटरी द्वारा हस्ताक्षरित होने पर कानूनी बल प्राप्त करता है। हालांकि, कई ऐसे हैं जो नोटरी और एक हलफनामे के बीच अंतर नहीं कर सकते हैं। यह लेख पाठकों के लाभ के लिए इन अंतरों को उजागर करेगा।

      शपत पात्र

      जब आप किसी नए स्थान पर जाते हैं और गैस कनेक्शन की आवश्यकता होती है तो क्या करते हैं लेकिन आपके पास गैस कंपनी में जमा करने के लिए एड्रेस प्रूफ नहीं होता है? इस तरह की परिस्थितियों के स्कोर और आपको अपने दावे को प्रमाणित करने वाले कानूनी दस्तावेज के माध्यम से अपना दावा करने की आवश्यकता होती है। यह वह जगह है जहाँ एक हलफनामा काम आता है। यह एक दस्तावेज है जिसमें ऐसे तथ्य और जानकारी होती है जिनके बारे में आप मानते हैं कि यह सच है और कानूनी हो जाता है जब आप इसे नोटरी या शपथ आयुक्त के रूप में ज्ञात कानूनी प्राधिकारी की उपस्थिति में हस्ताक्षर करते हैं।

      नोटरी

      नोटरी एक ऐसा व्यक्ति है जिसके पास कानूनी योग्यता है और कानूनी मामलों में प्रदर्शन करने के लिए अधिकृत है, विशेष रूप से वे जो विवादास्पद नहीं हैं और उन्हें केवल आम लोगों द्वारा किए गए दावों को प्रमाणित करने की आवश्यकता है, एक गवाह के रूप में कार्य करना और अनुमोदन की अपनी मुहर देना। एक नोटरी वकीलों की तरह कानूनी पेशे में है, हालांकि उसके पास पूर्ण विकसित वकील की तुलना में कुछ कम साख और शक्तियां हैं। विभिन्न देशों में विभिन्न नामकरण होते हैं जो एक सत्यापन अधिकारी की भूमिका निभाते हैं। कई देशों में, उन्हें एक नोटरी पब्लिक के रूप में जाना जाता है, जबकि अन्य स्थानों पर उन्हें साइनिंग एजेंट के रूप में भी जाना जाता है।

      संक्षेप में:

      एफिडेविट और नोटरी के बीच अंतर

      • आपको एक हलफनामे की आवश्यकता होने पर नोटरी की सेवाओं की आवश्यकता होती है

      • एक नोटरी एक कानूनी व्यक्ति है, जो हलफनामे नामक कानूनी दस्तावेज के रूप में लोगों द्वारा किए गए दावों को सत्यापित करने के लिए अधिकृत है

      Reply

Leave a Comment