साक्ष्य अधिनियम धारा 73 क्या है | Indian Evidence Section 73 in Hindi


साक्ष्य अधिनियम की धारा 73 क्या है

आज हम आपके लिए इस पेज पर साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 73 की जानकारी लेकर आये है | यहाँ हम आपको बताएँगे  कि साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 73 किस प्रकार से परिभाषित की गई है और इसका क्या अर्थ है ? साक्ष्य अधिनियम की धारा 73 क्या है, इसके बारे में आप यहाँ जानेंगे |

हस्ताक्षर, लेख या मुद्रा की तुलना अन्यों से जो स्वीकृत या साबित हैं

इस पोर्टल के माध्यम से यहाँ साक्ष्य अधिनियम की धारा 73 क्या बताती है ? इसके बारे में पूर्ण रूप से बात होगी | साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |

[Indian Evidence Act Sec. 73 in Hindi]

साक्ष्य अधिनियम धारा 75 क्या है



Indian Evidence Act (साक्ष्य अधिनियम) की धारा 73 के अनुसार :-

हस्ताक्षर, लेख या मुद्रा की तुलना अन्यों से जो स्वीकृत या साबित हैं

यह अभिनिश्चित करने के लिए कि क्या कोई हस्ताक्षर, लेख या मुद्रा उस व्यक्ति की है, जिसके द्वारा उसका लिखा या किया जाना तात्पर्चित है किसी हस्ताक्षर, लेख या मुद्रा की, जिसके बारे में यह स्वीकृत है या न्यायालय को समाधानप्रद रूप में साबित कर दिया गया है कि वह उस व्यक्ति द्वारा लिखा या किया गया था, उससे, जिसे साबित किया जाना है, तुलना की जा सकेगी, यद्यपि वह हस्ताक्षर, लेख या मुद्रा किसी अन्य प्रयोजन के लिए पेश या साबित न की गई हो।

न्यायालय में उपस्थित किसी व्यक्ति को किन्हीं शब्दों या अंकों के लिखने का निदेश न्यायालय इस प्रयोजन से दे सकेगा कि ऐसे लिखे गए शब्दों या अंकों की किन्हीं ऐसे शब्दों या अंकों से तुलना करने के लिए न्यायालय समर्थ हो सके जिनके बारे में अभिकथित है कि वे उस व्यक्ति द्वारा लिखे गए थे।

“[यह धारा किन्हीं आवश्यक उपान्तरों के साथ अंगुली छापों को भी लागू है।

साक्ष्य अधिनियम धारा 74 क्या है 

According to Indian Evidence Act Section 73 –  “ Comparison of signature, writing or seal with others admitted or proved”–

 In order to ascertain whether a signature, writing or seal is that of the person by whom it purports to have been written or made, any signature, writing or seal admitted or proved to the satisfaction of the Court to have been written or made by that person may be compared with the one which is to be proved, although that signature, writing or seal has not been produced or proved for any other purpose.

The Court may direct any person present in Court to write any words or figures for the purpose of enabling the Court to compare the words or figures so written with any words or figures alleged to have been written by such person.

1[This section applies also, with any necessary modifications, to finger impressions.]

साक्ष्य अधिनियम धारा 63 क्या है

मित्रों उपरोक्त वर्णन से आपको आज साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 73 के बारे में जानकारी हो गई होगी | कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है | इसको अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करें |

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