सीआरपीसी की धारा 113 क्या है | Section 113 CRPC in Hindi


सीआरपीसी की धारा 113 क्या है

दंड प्रक्रिया सहिता में ऐसे व्यक्ति के बारे में समन या वारंट जो उपस्थित नहीं हैइसका प्रावधान सीआरपीसी (CrPC) की धारा 113 में  किया गया है | यहाँ हम आपको ये बताने का प्रयास करेंगे कि दंड प्रक्रिया सहिता (CrPC) की धारा 113 के लिए किस तरह अप्लाई होगी | दंड प्रक्रिया सहिता यानि कि CrPC की धारा 113 क्या है ? इसके सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से यहाँ समझने का प्रयास करेंगे | आशा है हमारी टीम द्वारा किया गया प्रयास आपको पसंद आ रहा होगा |



(CrPC Section 113) Dand Prakriya Sanhita Dhara 113 (ऐसे व्यक्ति के बारे में समन या वारंट जो उपस्थित नहीं है)

इस पेज पर दंड प्रक्रिया सहिता की धारा 113 में “ऐसे व्यक्ति के बारे में समन या वारंट जो उपस्थित नहीं हैइसके बारे में क्या प्रावधान बताये गए हैं ? इनके बारे में पूर्ण रूप से इस धारा में चर्चा की गई है | साथ ही दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 113 कब नहीं लागू होगी ये भी बताया गया है ? इसको भी यहाँ जानेंगे, साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की अन्य महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी  ले सकते हैं |

सीआरपीसी की धारा 91 क्या है



CrPC (दंड प्रक्रिया संहिता की धारा ) की धारा 113 के अनुसार :-

ऐसे व्यक्ति के बारे में समन या वारंट जो उपस्थित नहीं है–

यदि ऐसा व्यक्ति न्यायालय में उपस्थित नहीं है तो मजिस्ट्रेट उससे हाजिर होने की अपेक्षा करते हुए समन, या जब ऐसा व्यक्ति अभिरक्षा में है तब जिस अधिकारी की अभिरक्षा में बह है उस अधिकारी को उसे न्यायालय के समक्ष लाने का निदेश देते हुए वारंट, जारी करेगा :

परंतु जब कभी ऐसे मजिस्ट्रेट को पुलिस अधिकारी की रिपोर्ट पर या अन्य इत्तिला पर (जिस रिपोर्ट या इत्तिला का सार मजिस्ट्रेट द्वारा अभिलिखित किया जाएगा), यह प्रतीत होता है कि परिशांति भंग होने के डर के लिए कारण है और ऐसे व्यक्ति की तुरंत गिरफ्तारी के बिना ऐसे परिशांति भंग करने का निवारण नहीं किया जा सकता है तब वह मजिस्ट्रेट उसकी गिरफ्तारी के लिए किसी समय वारंट जारी कर सकेगा।

सीआरपीसी की धारा 107 क्या है

According to Section. 113 –“ Summons or Warrant in Case of Person Not So Present ”–

 If such person is not present in Court, the Magistrate shall issue in a summons requiring him to appear, or, when such person is in custody, a warrant directing the officer in whose custody he is to bring him before the Court:

Provided that whenever it appears to such Magistrate, upon the report of a police officer or upon other information (the substance of which report or information shall be recorded by the Magistrate), that there is reason to fear the commission of a breach of the peace, and that such breach of the peace cannot be prevented otherwise than by the immediate arrest of such person, the Magistrate may at any time issue a warrant for his arrest.

सीआरपीसी की धारा 133 क्या है 

आपको आज  दंड प्रक्रिया संहिता  की धारा 113 “ऐसे व्यक्ति के बारे में समन या वारंट जो उपस्थित नहीं हैइसके  बारे में जानकारी हो गई होगी | कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है |

सीआरपीसी की धारा 145 क्या है

यदि आप अपने सवाल का उत्तर प्राइवेट चाहते है तो आप अपना सवाल कांटेक्ट फॉर्म के माध्यम से पूछें |
Leave a Comment