सीआरपीसी की धारा 126 क्या है | Section 126 CRPC in Hindi


सीआरपीसी की धारा 126 क्या है

दंड प्रक्रिया सहिता में “125 के अधीन कार्यवाही प्रक्रियाइसका प्रावधान सीआरपीसी (CrPC) की धारा 126 में  किया गया है | यहाँ हम आपको ये बताने का प्रयास करेंगे कि दंड प्रक्रिया सहिता (CrPC) की धारा 126 के लिए किस तरह अप्लाई होगी | दंड प्रक्रिया सहिता यानि कि CrPC की धारा 126 क्या है ? इसके सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से यहाँ समझने का प्रयास करेंगे | आशा है हमारी टीम द्वारा किया गया प्रयास आपको पसंद आ रहा होगा |

(CrPC Section 126) Dand Prakriya Sanhita Dhara 126 (125 के अधीन कार्यवाही प्रक्रिया)

इस पेज पर दंड प्रक्रिया सहिता की धारा 126 में “125 के अधीन कार्यवाही प्रक्रियाइसके बारे में क्या प्रावधान बताये गए हैं ? इनके बारे में पूर्ण रूप से इस धारा में चर्चा की गई है | साथ ही दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 126 कब नहीं लागू होगी ये भी बताया गया है ? इसको भी यहाँ जानेंगे, साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की अन्य महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी  ले सकते हैं |

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CrPC (दंड प्रक्रिया संहिता की धारा ) की धारा 126 के अनुसार :-

प्रक्रिया–

(1) किसी व्यक्ति के विरुद्ध धारा 125 के अधीन कार्यवाही किसी ऐसे जिले में की जा सकती है

(क) जहां वह है, अथवा (ख) जहां वह या उसकी पत्नी निवास करती है, अथवा

(ग) जहां उसने अंतिम बार, यथास्थिति, अपनी पत्नी के साथ या अधर्मज संतान की माता के साथ निवास किया है।

(2) ऐसी कार्यवाही में सब साक्ष्य, ऐसे व्यक्ति की उपस्थिति में, जिसके विरुद्ध भरणपोषण के लिए संदाय का आदेश देने की प्रस्थापना है, अथवा जब उसकी वैयक्तिक हाजिरी से अभियुक्ति दे दी गई है तब उसके प्लीडर की उपस्थिति में लिया जाएगा और उस रीति से अभिलिखित किया जाएगा जो समन-मामलों के लिए विहित है :

परंतु यदि मजिस्ट्रेट का समाधान हो जाए कि ऐसा व्यक्ति जिसके विरुद्ध भरणपोषण के लिए संदाय का आदेश देने की प्रस्थापना है, तामील से जानबूझकर बच रहा है अथवा न्यायालय में हाजिर होने में जानबूझकर उपेक्षा कर रहा है तो मजिस्ट्रेट मामले को एकपक्षीय रूप में सुनने और अवधारण करने के लिए अग्रसर हो सकता है और ऐसे दिया गया कोई आदेश उसकी तारीख से तीन मास के अंदर किए गए आवेदन पर दर्शित अच्छे कारण से ऐसे निबंधनों के अधीन जिनके अंतर्गत विरोधी पक्षकार को खर्चे के संदाय के बारे में ऐसे निबंधन भी हैं जो मजिस्ट्रेट न्यायोचित और उचित समझें, अपास्त किया जा सकता है।

(3) धारा 125 के अधीन आवेदनों पर कार्यवाही करने में न्यायालय को शक्ति होगी कि वह खर्चों के बारे में ऐसा आदेश दे जो न्यायसंगत है।

सीआरपीसी की धारा 125 क्या है

According to Section. 126 – “ Procedure ”–

(1) Proceedings under section 125 may be taken against any person in any district-

(a) where he is, or

(b) where he or his wife, resides, or

(c) where he last resided with his wife, or as the case may be, with the mother of the illegitimate child.

(2) All evidence in such proceedings shall be taken in the presence of the person against whom an order for payment of maintenance is proceed to be made, or, when his personal attendance is dispensed with, in the presence of his pleader, and shall be recorded in the manner prescribed for summons- cases: Provided that if the Magistrate is satisfied that the person against whom an order for payment of maintenance is proposed to be made is wilfully avoiding service, or wilfully neglecting to attend the Court, the Magistrate may proceed to hear and determine the case ex parte and any order so made may be set aside for good cause shown on an application made within three months from the date thereof subject to such terms including terms at to payment of costs to the opposite party as the Magistrate may think just and proper.

(3) The Court in dealing with applications under section 125 shall have power to make such order as to costs as may be just.

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आपको आज  दंड प्रक्रिया संहिता  की धारा 126 “125 के अधीन कार्यवाही प्रक्रिया इसके  बारे में जानकारी हो गई होगी | कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है |

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