घरेलू हिंसा अधिनियम धारा 23 क्या है


घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 23 क्या है

आज हम आपके लिए इस पेज पर घरेलू हिंसा अधिनियम (Domestic Violence Act) की धारा 23 की जानकारी लेकर आये है | यहाँ हम आपको बताएँगे  कि घरेलू हिंसा अधिनियम (Domestic Violence Act) की धारा 23 किस प्रकार से परिभाषित की गई है और इसका क्या अर्थ है ? घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 23 क्या है, इसके बारे में आप यहाँ जानेंगे |

अन्तरिम और एकपक्षीय आदेश देने की शक्ति

इस पोर्टल के माध्यम से यहाँ धारा 23 क्या बताती है ? इसके बारे में पूर्ण रूप से बात होगी | साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य घरेलू हिंसा अधिनियम (Domestic Violence Act) की महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |



[Domestic violence act Sec. 23 in Hindi]

घरेलू हिंसा अधिनियम धारा 1 क्या है
घरेलू हिंसा अधिनियम धारा 2 क्या है
घरेलू हिंसा अधिनियम धारा 3 क्या है
घरेलू हिंसा अधिनियम धारा 4 क्या है
घरेलू हिंसा अधिनियम धारा 5 क्या है
घरेलू हिंसा अधिनियम धारा 6 क्या है
घरेलू हिंसा अधिनियम धारा 7 क्या है
घरेलू हिंसा अधिनियम धारा 8 क्या है
घरेलू हिंसा अधिनियम धारा 9 क्या है
घरेलू हिंसा अधिनियम धारा 10 क्या है

घरेलू हिंसा अधिनियम धारा 21 क्या है

Domestic Violence (घरेलू हिंसा अधिनियम) की धारा 23 के अनुसार :-

अन्तरिम और एकपक्षीय आदेश देने की शक्ति

(1) मजिस्ट्रेट, इस अधिनियम के अधीन उसके समक्ष किसी कार्यवाही में, ऐसा अन्तरिम आदेश, जो उचित और न्यायोचित हो, पारित कर सकेगा।

(2) यदि मजिस्ट्रेट का यह समाधान हो जाता है कि प्रथमदृष्टया कोई आवेदन यह प्रकट करता है कि प्रत्यर्थी घरेलू हिंसा का कोई कार्य कर रहा है या किया है, या यह कि यह सम्भावना है कि प्रत्यर्थी घरेलू हिंसा का कोई कार्य कर सकता है, तो वह ऐसे प्ररूप में, जो विहित किया जाए, यथास्थिति, धारा 18, धारा 19, धारा 20, धारा 21 या, यथास्थिति, धारा 22 के अधीन व्यथित व्यक्ति के शपथपत्र के आधार पर, प्रत्यर्थी के विरुद्ध एकपक्षीय आदेश दे सकगा।

घरेलू हिंसा अधिनियम धारा 22 क्या है

According to Section 23 –   “Power to grant interim and ex parte orders ”–

 (1) In any proceeding before him under this Act, the Magistrate may pass such interim order as he deems just and proper.

(2) If the Magistrate is satisfied that an application prima facie discloses that the respondent is committing, or has committed an act of domestic violence or that there is a likelihood that the respondent may commit an act of domestic violence, he may grant an ex parte order on the basis of the affidavit in such form, as may be prescribed, of the aggrieved person under section 18, section 19, section 20, section 21 or, as the case may be, section 22 against the respondent.

घरेलू हिंसा अधिनियम धारा 25 क्या है

मित्रों उपरोक्त वर्णन से आपको आज घरेलू हिंसा अधिनियम (Domestic Violence Act) की धारा 23 के बारे में जानकारी हो गई होगी | कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है | इसको अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करें |

घरेलू हिंसा अधिनियम धारा 29 क्या है

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