सीआरपीसी की धारा 192 क्या है | Section 192 CRPC in Hindi


सीआरपीसी की धारा 192 क्या है

दंड प्रक्रिया सहिता में मामले मजिस्ट्रेटों के हवाले करनाइसका प्रावधान सीआरपीसी (CrPC) की धारा 192 में  किया गया है | यहाँ हम आपको ये बताने का प्रयास करेंगे कि दंड प्रक्रिया सहिता (CrPC) की धारा 192 के लिए किस तरह अप्लाई होगी | दंड प्रक्रिया सहिता यानि कि CrPC की धारा 192 क्या है ? इसके सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से यहाँ समझने का प्रयास करेंगे | आशा है हमारी टीम द्वारा किया गया प्रयास आपको पसंद आ रहा होगा |



(CrPC Section 192) Dand Prakriya Sanhita Dhara 192 (मामले मजिस्ट्रेटों के हवाले करना)

इस पेज पर दंड प्रक्रिया सहिता की धारा 192 में “मामले मजिस्ट्रेटों के हवाले करनाइसके बारे में क्या प्रावधान बताये गए हैं ? इनके बारे में पूर्ण रूप से इस धारा में चर्चा की गई है | साथ ही दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 192 कब नहीं लागू होगी ये भी बताया गया है ? इसको भी यहाँ जानेंगे, साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की अन्य महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी  ले सकते हैं |

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CrPC (दंड प्रक्रिया संहिता की धारा ) की धारा 192 के अनुसार :-

मामले मजिस्ट्रेटों के हवाले करना-

(1) कोई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अपराध का संज्ञान करने के पश्चात् मामले को जांच या विचारण के लिए अपने अधीनस्थ किसी सक्षम मजिस्ट्रेट के हवाले कर सकता है।

(2) मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा इस निमित्त सशक्त किया गया कोई प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट, अपराध का संज्ञान करने के पश्चात्, मामले को जांच या विचारण के लिए अपने अधीनस्थ किसी ऐसे सक्षम मजिस्ट्रेट के हवाले कर सकता है जिसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट साधारण या विशेष आदेश द्वारा विनिर्दिष्ट करे, और तब ऐसा मजिस्ट्रेट जांच या विचारण कर सकता है।

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According to Section. 192 – “Making over of cases to Magistrates ”–

(1) Any Chief Judicial Magistrate may, after taking cognizance of an offence, make over the case for inquiry or trial to any competent Magistrate subordinate to him.

(2) Any Magistrate of the first class empowered in this behalf by the Chief Judicial Magistrate may, after taking cognizance of an offence, make over the case for inquiry or trial to such other competent Magistrate as the Chief Judicial Magistrate may, by general or special order, specify, and thereupon such Magistrate may hold the inquiry or trial.

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आपको आज  दंड प्रक्रिया संहिता  की धारा 192 “मामले मजिस्ट्रेटों के हवाले करना इसके  बारे में जानकारी हो गई होगी | कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है |

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