सीआरपीसी की धारा 191 क्या है | Section 191 CRPC in Hindi


सीआरपीसी की धारा 191 क्या है

दंड प्रक्रिया सहिता में अभियुक्त के आवेदन पर अंतरणइसका प्रावधान सीआरपीसी (CrPC) की धारा 191 में  किया गया है | यहाँ हम आपको ये बताने का प्रयास करेंगे कि दंड प्रक्रिया सहिता (CrPC) की धारा 191 के लिए किस तरह अप्लाई होगी | दंड प्रक्रिया सहिता यानि कि CrPC की धारा 191 क्या है ? इसके सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से यहाँ समझने का प्रयास करेंगे | आशा है हमारी टीम द्वारा किया गया प्रयास आपको पसंद आ रहा होगा |

(CrPC Section 191) Dand Prakriya Sanhita Dhara 191 (अभियुक्त के आवेदन पर अंतरण)

इस पेज पर दंड प्रक्रिया सहिता की धारा 191 में “अभियुक्त के आवेदन पर अंतरणइसके बारे में क्या प्रावधान बताये गए हैं ? इनके बारे में पूर्ण रूप से इस धारा में चर्चा की गई है | साथ ही दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 191 कब नहीं लागू होगी ये भी बताया गया है ? इसको भी यहाँ जानेंगे, साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की अन्य महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी  ले सकते हैं |

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CrPC (दंड प्रक्रिया संहिता की धारा ) की धारा 191 के अनुसार :-

अभियुक्त के आवेदन पर अंतरण-

जब मजिस्ट्रेट किसी अपराध का संज्ञान धारा 190 की उपधारा (1) के खंड (ग) के अधीन करता है तब अभियुक्त को, कोई साक्ष्य लेने से पहले, इत्तिला दी जाएगी कि वह मामले की किसी अन्य मजिस्ट्रेट से जांच या विचारण कराने का हकदार है और यदि अभियुक्त, या यदि एक से अधिक अभियुक्त हैं तो उनमें से कोई, संज्ञान करने वाले मजिस्ट्रेट के समक्ष आगे कार्यवाही किए जाने पर आपत्ति करता है तो मामला उस अन्य मजिस्ट्रेट को अंतरित कर दिया जाएगा जो मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा इस निमित्त विनिर्दिष्ट किया जाएगा।

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According to Section. 191 – “Transfer on application of the accused ”–

When a Magistrate takes cognizance of an offence under clause (c) of sub- section (1) of section 190, the accused shall, before any evidence is taken, be informed that he is entitled to have the case inquired into or tried by another Magistrate, and if the accused or any of the accused, if there be more than one, objects to further proceedings before the Magistrate taking cognizance, the case shall be transferred to such other Magistrate as may be specified by the Chief Judicial Magistrate in this behalf.

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आपको आज  दंड प्रक्रिया संहिता  की धारा 191 “अभियुक्त के आवेदन पर अंतरण इसके  बारे में जानकारी हो गई होगी | कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है |

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