साक्ष्य अधिनियम धारा 9 क्या है | Indian Evidence Section 9 in Hindi

साक्ष्य अधिनियम की धारा 9 क्या है

आज हम आपके लिए इस पेज पर साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 9 की जानकारी लेकर आये है | यहाँ हम आपको बताएँगे  कि साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 9 किस प्रकार से परिभाषित की गई है और इसका क्या अर्थ है ? साक्ष्य अधिनियम की धारा 9 क्या है, इसके बारे में आप यहाँ जानेंगे |

सुसंगत तथ्यों के स्पष्टीकरण या पुरःस्थापन के लिए आवश्यक तथ्य

इस पोर्टल के माध्यम से यहाँ साक्ष्य अधिनियम की धारा 9 क्या बताती है ? इसके बारे में पूर्ण रूप से बात होगी | साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |

साक्ष्य अधिनियम धारा 1 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 2 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 3 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 4 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 5 क्या है 
साक्ष्य अधिनियम धारा 6 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 7 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 8 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 9 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 10 क्या है

[Indian Evidence Act Sec. 9 in Hindi]

साक्ष्य अधिनियम धारा 8 क्या है

Indian Evidence Act (साक्ष्य अधिनियम) की धारा 9 के अनुसार :-

सुसंगत तथ्यों के स्पष्टीकरण या पुरःस्थापन के लिए आवश्यक तथ्य

वे तथ्य, जो विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्य के स्पष्टीकरण या पुरःस्थापन के लिए आवश्यक है अथवा जो किसी विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्य द्वारा इंगित अनुमान का समर्थन या खण्डन करते हैं, अथवा जो किसी व्यक्ति या वस्तु का, जिसकी अनन्यता सुसंगत हो, अनन्यता स्थापित करते हैं, अथवा वह समय या स्थान स्थित करते हैं जब या जहां कोई विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्य घटित हुआ अथवा जो उन पक्षकारों का सम्बन्ध दर्शित करते हैं जिनके द्वारा ऐसे किसी तथ्य का संव्यवहार किया गया था, वहाँ तक सुसंगत हैं जहां तक वे उस प्रयोजन के लिए आवश्यक हों।

दृष्टांत

(क) प्रश्न यह है कि क्या कोई विशिष्ट दस्तावेज क की विल है। अभिकथित विल की तारीख पर क की सम्पत्ति की, या उसके कुटुम्ब की अवस्था सुसंगत तथ्य हो सकती है।

(ख) क पर निकृष्ट आचरण का लांछन लगाने वाले अपमान-लेख के लिए ख पर क बाद लाता है । ख प्रतिज्ञान करता है कि वह बात, जिसका अपमान-लेख होना अभिकथित है, सच है।

पक्षकारों की उस समय की स्थिति और सम्बन्ध, जब अपमान-लेख प्रकाशित हुआ था, विवाद्यक तथ्यों की पुरःस्थापना के रूप में सुसंगत तथ्य हो सकते हैं।

क और ख के बीच किसी ऐसी बात के विषय में विवाद की विशिष्टियां, जो अभिकथित अपमान-लेख से असंसक्त हैं, विसंगत है, यद्यपि यह तथ्य कि कोई विवाद हुआ था, यदि उससे क और ख के पारस्परिक सम्बन्धों पर प्रभाव पड़ा हो, सुसंगत हो सकता है।

(ग) क एक अपराध का अभियुक्त है।

यह तथ्य कि, उस अपराध के किए जाने के तुरन्त पश्चात् क अपने घर से फरार हो गया, धारा 8 के अधीन विवाद्यक तथ्यों के पश्चात्वर्ती और उनसे प्रभावित आचरण के रूप में सुसंगत है।

यह तथ्य कि उस समय, जब वह घर से चला था, उसका उस स्थान में, जहां बह गया था, अचानक और अर्जेट कार्य था, उसके अचानक घर से चले जाने के तथ्य के स्पष्टीकरण की प्रवृत्ति रखने के कारण सुसंगत है।

जिस काम के लिए वह चला उसका ब्यौरा सुसंगत नहीं है सिवाय इसके कि जहां तक वह यह दर्शित करने के लिए आवश्यक हो कि वह काम अचानक और अर्जेंट था।

(घ) क के साथ की गई सेवा की संविदा को भंग करने के लिए ग को उत्प्रेरित करने के कारण ख पर क वाद लाता है। क की नौकरी छोड़ते समय क से ग कहता है कि “मैं तुम्हें छोड़ रहा हूं क्योंकि ख ने मुझे तुमसे अधिक अच्छी प्रस्थापना की है। यह कथन ग के आचरण को, जो विवाद्यक तथ्य होने के रूप में सुसंगत है. स्पष्ट करने वाला होने के कारण सुसंगत है।

(ङ) चोरी का अभियुक्त क चुराई हुई सम्पत्ति ख को देते हुए देखा जाता है, जो उसे क की पत्नी को देते हुए देखा जाता है। ख उसे परिदान करते हुए कहता है कि “क ने कहा है कि तुम इसे छिपा दो । ख का कथन उस संत्र्यवहार का भाग होने वाले तथ्य को स्पष्ट करने वाला होने के कारण सुसंगत है।

(च) क बल्वे के लिए विचारित किया जा रहा है और उसका भीड़ के आगे-आगे चलना साबित हो चुका है। इस संव्यवहार की प्रकृति को स्पष्ट करने वाली होने के कारण भीड़ की आवाजें सुसंगत हैं।

साक्ष्य अधिनियम धारा 7 क्या है

According to Indian Evidence Act Section 9 – “Facts necessary to explain or introduce relevant facts”–

Facts necessary to explain or introduce a fact in issue or relevant fact, or which support or rebut an inference suggested by a fact in issue or relevant fact, or which establish the identity of any thing or person whose identity is relevant, or fix the time or place at which any fact in issue or relevant fact happened, or which show the relation of parties by whom any such fact was transacted, are relevant in so far as they are necessary for that purpose.

Illustrations

(a) The question is, whether a given document is the will of A.

The state of A’s property and of his family at the date of the alleged will may be relevant facts.

(b) A sues B for a libel imputing disgraceful conduct to A; B affirms that the matter alleged to be libellous is true. The position and relations of the parties at the time when the libel was published may be relevant facts as introductory to the facts in issue.

The particulars of a dispute between A and B about a matter unconnected with the alleged libel are irrelevant, though the fact that there was a dispute may be relevant if it affected the relations between A and B.

(c) A is accused of a crime.

The fact that, soon after the commission of the crime, A absconded from his house, is relevant, under section 8, as conduct subsequent to and affected by facts in issue.

The fact that, at the time when he left home, he had sudden and urgent business at the place to which he went, is relevant, as tending to explain the fact that he left home suddenly.

The details of the business on which he left are not relevant, except in so far as they are necessary to show that the business was sudden and urgent.

(d) A sues B for inducing C to break a contract of service made by him with A, C, on leaving A’s service, says to A –– “I am leaving you because B has made me a better offer.” This statement is a relevant fact as explanatory of C’s conduct, which is relevant as a fact in issue.

(e) A, accused of theft, is seen to give the stolen property to B, who is seen to give it to A’s wife. B says as he delivers it––“A says your are to hide this.” B’s statement is relevant as explanatory of a fact which is part of the transaction.

(f) A is tried for a riot and is proved to have marched at the head of a mob. The cries of the mob are relevant as explanatory of the nature of the transaction.

साक्ष्य अधिनियम धारा 6 क्या है

मित्रों उपरोक्त वर्णन से आपको आज साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 9 के बारे में जानकारी हो गई होगी | कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है | इसको अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करें |

साक्ष्य अधिनियम धारा 5 क्या है

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