साक्ष्य अधिनियम धारा 4 क्या है | Indian Evidence Section 4 in Hindi


साक्ष्य अधिनियम की धारा 4 क्या है

आज हम आपके लिए इस पेज पर साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 4 की जानकारी लेकर आये है | यहाँ हम आपको बताएँगे  कि साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 4 किस प्रकार से परिभाषित की गई है और इसका क्या अर्थ है ? साक्ष्य अधिनियम की धारा 4 क्या है, इसके बारे में आप यहाँ जानेंगे |

उपधारणा कर सकेगा

इस पोर्टल के माध्यम से यहाँ साक्ष्य अधिनियम की धारा 4 क्या बताती है ? इसके बारे में पूर्ण रूप से बात होगी | साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |



साक्ष्य अधिनियम धारा 1 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 2 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 3 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 4 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 5 क्या है 
साक्ष्य अधिनियम धारा 6 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 7 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 8 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 9 क्या है
साक्ष्य अधिनियम धारा 10 क्या है

[Indian Evidence Act Sec. 4 in Hindi]

साक्ष्य अधिनियम धारा 3 क्या है

Indian Evidence Act (साक्ष्य अधिनियम) की धारा 4 के अनुसार :-

उपधारणा कर सकेगा

“उपधारणा कर सकेगा”-

जहां कहीं इस अधिनियम द्वारा यह उपबन्धित है कि न्यायालय किसी तथ्य की उपधारणा कर सकेगा, वहां न्यायालय या तो ऐसे तथ्य को साबित हुआ मान सकेगा, यदि और जब तक वह नासाबित नहीं किया जाता है, या उनके सबूत की मांग कर सकेगा:

“उपधारणा करेगा”—

जहां कहीं इस अधिनियम द्वारा यह निर्दिष्ट है कि न्यायालय किसी तथ्य की उपधारण करेगा, वहां न्यायालय ऐसे तथ्य को साबित मानेगा यदि और जब तक वह नासाबित नहीं किया जाता है।

“निश्चायक सबूत”-

जहां कि इस अधिनियम द्वारा एक तथ्य किसी अन्य तथ्य का निश्चायक सबूत घोषित किया गया है, वहां न्यायालय उस एक तथ्य के साबित हो जाने पर उस अन्य को साबित मानेगा और उसे नासाबित करने के प्रयोजन के लिए साक्ष्य दिए जाने की अनुज्ञा नहीं देगा।

साक्ष्य अधिनियम धारा 2 क्या है

According to Indian Evidence Act Section 4 –        “May presume”–

“May presume”. ––

Whenever it is provided by this Act that the Court may presume a fact, it may either regard such fact as proved, unless and until it is disproved, or may call for proof of it.

“Shall presume”. ––

Whenever it is directed by this Act that the Court shall presume a fact, it shall regard such fact as proved, unless and until it is disproved.

“Conclusive proof”. ––

When one fact is declared by this Act to be conclusive proof of another, the Court shall, on proof of the one fact, regard the other as proved, and shall not allow evidence to be given for the purpose of disproving it.

साक्ष्य अधिनियम धारा 1 क्या है

मित्रों उपरोक्त वर्णन से आपको आज साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 4 के बारे में जानकारी हो गई होगी | कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है | इसको अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करें |

साक्ष्य अधिनियम धारा 5 क्या है

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