असंज्ञेय अपराध (Non Cognizable) क्या है | परिभाषा | असंज्ञेय अपराध की सूची


भारत में लोकतान्त्रिक व्यवस्था है, जहाँ पर सभी नागरिकों को संविधान में समान अधिकार प्रदान किये गए है | देश में अधिकतर आपराधिक घटनाएं होती रहती है, इन घटनाओं से किसी के मूल अधिकारों का हनन न हो इसलिए इसके लिए कानूनी नियम बनाये गए है | यदि कोई भी नागरिक कानून व्यवस्था का पालन नहीं करता, यानि कि कानून तोड़ता है तो वह एक अपराध होता है |

Non Cognizable

भारत में लोकतान्त्रिक व्यवस्था है, जहाँ पर सभी नागरिकों को संविधान में समान अधिकार प्रदान किये गए है | देश में अधिकतर आपराधिक घटनाएं होती रहती है, इन घटनाओं से किसी के मूल अधिकारों का हनन न हो इसलिए इसके लिए कानूनी नियम बनाये गए है | यदि कोई भी नागरिक कानून व्यवस्था का पालन नहीं करता, यानि कि कानून तोड़ता है तो वह एक अपराध होता है |

यह अपराध दो प्रकार से होते है, संज्ञेय और असंज्ञेय अपराध | संज्ञेय अपराध अति संवेदनशील मामलों के लिए होते है, और छोटे मामलें असंज्ञेय अपराध की श्रेणी में आते है | सभी अपराधों के लिए अलग – अलग धाराएं है, संज्ञेय और असंज्ञेय अपराधों की सूची बहुत लम्बी है | यदि आप भी असंज्ञेय अपराध (Non Cognizable) क्या है, परिभाषा, असंज्ञेय अपराध की सूची, इसके विषय बारे में जानना चाहते है तो पूरी जानकारी दी जा रही है |

संज्ञेय अपराध (Cognisable Offence) क्या है 

असंज्ञेय अपराध (Non Cognizable) की परिभाषा

क्रीमिनल प्रोसिजर कोड (CrPC 1973) की धारा 2 (एल) के अनुसार बताया गया है कि ऐसे अपराध जिनमें पुलिस को बिना वारंट के गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं प्राप्त होता है, वे अपराध असंज्ञेय अपराध कहे जाते हैं।

भारतीय दंड संहिता की धारा 312 के मुताबिक गर्भपात करवाना, झूठे साक्ष्य देना, धोखाधड़ी, मानहानि , दलित प्रताड़ना आदि अपराधों को असंज्ञेय अपराधों की श्रेणी में रखा जाता है। इसमें जांच के बिना किसी को अरेस्ट नहीं किया जा सकता है | इसके अलावा किसी बड़े अधिकारी द्वारा ही वारंट जारी किया जाता है |

असंज्ञेय अपराध की सूची

असंज्ञेय अपराध संगीन अपराधों की श्रेणी में न रखकर इन्हे सामान्य अपराधों की श्रेणी में रखा जाता है, जैसे :-

  1. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 193 के तहत झूठे साक्ष्य देने पर लागू की जाती है।
  2. भारतीय दंड संहिता की धारा 323 के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से यानि की जानबूझकर अपराध करता पाया जाता है तो इस धारा के तहत कार्यवाई होती है |
  3. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 352 के तहत आपराधिक बल का प्रयोग करने के लिए नियम बनाये गए है |
  4. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 417 छल करते हुए पाए जाने पर ।
  5. भारतीय दण्ड  संहिता की धारा 465 धोखाधड़ी के मामलों पर इसके अनुसार कार्य वाही होती है।
  6. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 497 स्त्री-पुरुष के विवाह के उपरांत संबंधों से जुड़ी होती है |
  7. भारतीय दण्ड संहिता की धारा 500 के तहत मानहानि का दावा किया जा सकता है।

भारतीय कानून की जानकारी

असंज्ञेय अपराधों के नियम

  1. असंज्ञेय अपराधों के अंतर्गत सजा कम करने का भी प्रावधान है, यानि कि कुछ अपवादों के अतरिक्त 3 वर्ष से कम कारावास का प्रावधान बनाया गया है।
  2. असंज्ञेय अपराधों की श्रेणी के मामलों पुलिस किसी भी अपराधी को बिना वारण्ट के गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है।
  3. इन अपराधों के मामलों में पुलिस मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना जाँच करने का अधिकार नहीं होता है।
  4. असंज्ञेय अपराधों में मामलों में अपराध की कार्यवाही शिकायत के तुरंत बाद से ही आरम्भ कर दी जाती  है।

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