पॉक्सो एक्ट धारा 2 क्या है | Pocso Act Section 2 in Hindi – विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 2 क्या है

आज हम आपके लिए इस पेज पर पॉक्सो एक्ट (Pocso Act) की धारा 2 की जानकारी लेकर आये है | यहाँ हम आपको बताएँगे  कि पॉक्सो एक्ट (Pocso Act) की धारा 2 किस प्रकार से परिभाषित की गई है और इसका क्या अर्थ है ? पॉक्सो एक्ट की धारा 1 क्या है, इसके बारे में आप यहाँ जानेंगे |

परिभाषाएं

इस पोर्टल के माध्यम से यहाँ धारा 2 क्या बताती है ? इसके बारे में पूर्ण रूप से बात होगी | साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य पॉक्सो एक्ट (Pocso Act) की महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |

पॉक्सो एक्ट क्या है

[Pocso Act Sec. 2 in Hindi]

Pocso Act (पॉक्सो एक्ट) की धारा 2 के अनुसार :-

परिभाषाएं 

इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,

(क) “गुरुतर प्रवेशन लैंगिक हमला” का वही अर्थ है जो धारा 5 में है;

(ख) “गुरुतर लैंगिक हमला” का वही अर्थ है जो धारा 9 में है;

(ग) “सशस्त्र बल या सुरक्षा बल” से संघ के सशस्त्र बल या अनुसूची में यथाविनिर्दिष्ट सुरक्षा बल या पुलिस बल अभिप्रेत है;

(घ) “बालक” से ऐसा कोई व्यक्ति अभिप्रेत है जिसकी आयु अठारह वर्ष से कम है;

(ङ) “घरेलू संबंध” का वह अर्थ होगा जो घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम, 2005 । की धारा 2 के खण्ड (च) में है;

(च) “प्रवेशन लैंगिक हमला” का वही अर्थ है जो धारा 3 में है;

(छ) “विहित” से इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित अभिप्रेत है;

(ज) “धार्मिक संस्था” का वह अर्थ होगा जो धार्मिक संस्था (दुरुपयोग निवारण) अधिनियम, 1988 में है;

(झ) “लैंगिक हमला” का वही अर्थ है जो धारा 7 में है;

(ञ) “लैंगिक उत्पीड़न” का वही अर्थ है जो धारा 11 में है;

(ट) “साझी गृहस्थी” से ऐसी गृहस्थी अभिप्रेत है जहां अपराध से आरोपित व्यक्ति, बालक के साथ घरेलू नातेदारी में रहता है या किसी समय पर रह चुका है।

(ठ) “विशेष न्यायालय” से धारा 28 के अधीन उस रूप में अभिहित कोई न्यायालय अभिप्रेत है;

(ड) “विशेष लोक अभियोजक”से धारा 32 के अधीन नियुक्त कोई अभियोजक अभिप्रेत है।

(2) उन शब्दों और पदों के, जो इसमें प्रयुक्त हैं, और परिभाषित नहीं है किन्तु भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता, 1973, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2000 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 में परिभाषित हैं, वही अर्थ होंगे जो उक्त संहिताओं या अधिनियमों में हैं।

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According to Pocso Act Section 2 –  “Definitions ”–

 (1) In this Act, unless the context otherwise requires, –

(a) “aggravated penetrative sexual assault” has the same meaning as assigned to it in section 5;

(b) “aggravated sexual assault” has the same meaning as assigned to it in section 9;

(c) “armed forces or security forces” means armed forces of the Union or security forces or police forces, as specified in the Schedule;

(d) “child” means any person below the age of eighteen years;

(e) “domestic relationship” shall have the same meaning as assigned to it in clause (f) of section 2 of the Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005;

(f) “penetrative sexual assault” has the same meaning as assigned to it in section 3;

(g) “prescribed” means prescribed by rules made under this Act;

(h) “religious institution” shall have the same meaning as assigned to it in the Religious Institutions (Prevention of Misuse) Act, 1988;

(i) “sexual assault” has the same meaning as assigned to it in section 7;

(j) “sexual harassment” has the same meaning as assigned to it in section 11;

(k) “shared household” means a household where the person charged with the offence lives or has lived at any time in a domestic relationship with the child;

(l) “Special Court” means a court designated as such under section 28,

(m) “Special Public Prosecutor” means a Public Prosecutor appointed under section 32.

(2) The words and expressions used herein and not defined but defined in the Indian Penal Code, the Code of Criminal Procedure, 1973, the Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2000 and the Information Technology Act, 2000 shall have the meanings respectively assigned to them in the said Codes or the Acts.

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मित्रों उपरोक्त वर्णन से आपको आज पॉक्सो  एक्ट (Pocso Act) की धारा 2 के बारे में जानकारी हो गई होगी | कैसे  इस धारा  को  लागू  किया जायेगा ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट  बॉक्स  के  माध्यम  से  अपने प्रश्न और  सुझाव हमें भेज सकते है | इसको अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करें |

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