सीआरपीसी की धारा 188 क्या है | Section 188 CRPC in Hindi


सीआरपीसी की धारा 188 क्या है

दंड प्रक्रिया सहिता में भारत से बाहर किया गया अपराधइसका प्रावधान सीआरपीसी (CrPC) की धारा 188 में  किया गया है | यहाँ हम आपको ये बताने का प्रयास करेंगे कि दंड प्रक्रिया सहिता (CrPC) की धारा 188 के लिए किस तरह अप्लाई होगी | दंड प्रक्रिया सहिता यानि कि CrPC की धारा 188 क्या है ? इसके सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से यहाँ समझने का प्रयास करेंगे | आशा है हमारी टीम द्वारा किया गया प्रयास आपको पसंद आ रहा होगा |

(CrPC Section 188) Dand Prakriya Sanhita Dhara 188 (भारत से बाहर किया गया अपराध)

इस पेज पर दंड प्रक्रिया सहिता की धारा 188 में “भारत से बाहर किया गया अपराधइसके बारे में क्या प्रावधान बताये गए हैं ? इनके बारे में पूर्ण रूप से इस धारा में चर्चा की गई है | साथ ही दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 188 कब नहीं लागू होगी ये भी बताया गया है ? इसको भी यहाँ जानेंगे, साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की अन्य महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी  ले सकते हैं |

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CrPC (दंड प्रक्रिया संहिता की धारा ) की धारा 188 के अनुसार :-

भारत से बाहर किया गया अपराध-

जब कोई अपराध भारत से बाहर

(क) भारत के किसी नागरिक द्वारा चाहे खुले समुद्र पर या अन्यत्र ; अथवा

(ख) किसी व्यक्ति द्वारा, जो भारत का नागरिक नहीं है, भारत में रजिस्ट्रीकृत किसी पोत या विमान पर, किया जाता है तब उस अपराध के बारे में उसके विरुद्ध ऐसी कार्यवाही की जा सकती है मानो वह अपराध भारत के अंदर उस स्थान में किया गया है जहां वह पाया गया है :

परंतु इस अध्याय की पूर्ववर्ती धाराओं में से किसी बात के होते हुए भी, ऐसे किसी अपराध की भारत में जांच या उसका विचारण केंद्रीय सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना नहीं किया जाएगा।

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According to Section. 188 –  “Offence committed outside India ”–

When an offence is committed outside India-

(a) by a citizen of India, whether on the high seas or elsewhere; or

(b) by a person, not being such citizen, on any ship or aircraft registered in India, he may be dealt with in respect of such offence as if it had been com- mitted at any place within India at which he may be found: Provided that, notwithstanding anything in any of the preceding sections of this Chapter, no such offence shall be inquired into or tried in India except with the previous sanction of the Central Government.

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आपको आज  दंड प्रक्रिया संहिता  की धारा 188 “भारत के बाहर किए गए अपराधों के बारे में साक्ष्य लेना इसके  बारे में जानकारी हो गई होगी | कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है |

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