आईपीसी धारा 149 क्या है | IPC Section 149 in Hindi – विवरण, सजा का प्रावधान

आईपीसी धारा 149 क्या है

यहाँ इस पेज पर भारतीय दंड संहिता में विधिविरुद्ध जमाव का हर सदस्य, सामान्य उद्देश्य को अग्रसर करने में किए गए अपराध का दोषी होगा” इसको भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 149 में परिभाषित (डिफाइन) किया गया है |  यहाँ हम आपको बताने जा रहे हैं कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 149 किस तरह अप्लाई होगी | भारतीय दंड संहिता यानि कि IPC की धारा 149 क्या है, इसके सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से यहाँ समझने का प्रयास करेंगे |

इस पोर्टल के माध्यम से यहाँ धारा 149 में सजा के बारे में क्या प्रावधान बताये गए हैं, और इसमें कितनी सजा देने की बात कही गई है? इनके बारे में पूर्ण रूप से बात होगी | साथ ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 149 में जमानत के बारे में क्या बताया गया है ? सभी बातों को आज हम विस्तृत रूप से यहाँ जानेंगे, साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |

आईपीसी धारा 143 क्या है

IPC (भारतीय दंड संहिता की धारा ) की धारा 149 के अनुसार :-

विधिविरुद्ध जमाव का हर सदस्य, सामान्य उद्देश्य को अग्रसर करने में किए गए अपराध का दोषी–            

“यदि विधिविरुद्ध जमाव के किसी सदस्य द्वारा उस जमाव के सामान्य उद्देश्य को अग्रसर करने में अपराध किया जाता है, या कोई ऐसा अपराध किया जाता है, जिसका किया जाना उस जमाव के सदस्य उस उद्देश्य को अग्रसर करने में सम्भाव्य जानते थे, तो हर व्यक्ति, जो उस अपराध के किए जाने के समय उस जमाव का सदस्य है, उस अपराध का दोषी होगा “|

S. 149 – “Every member of unlawful assembly guilty of offence commit­ted in prosecution of common object”–

“If an offence is committed by any member of an unlawful assembly in prosecution of the common object of that assembly, or such as the members of that assembly knew to be likely to be committed in prosecution of that object, every person who, at the time of the committing of that offence, is a member of the same assembly, is guilty of that offence”.

आईपीसी धारा 147 क्या है

लागू अपराध

विधिविरुद्ध जनसमूह के किसी सदस्य द्वारा किए गये अपराध में उस जनसमूह का हर सदस्य दोषी होगा।

सजाअपराध अनुसार

इसकी जमानत, संज्ञान और अदालती कार्रवाई अपराध अनुसार होगी

यह समझौता करने योग्य नहीं है।

आईपीसी की धारा 149 में सजा (Punishment) क्या होगी

“विधिविरुद्ध जनसमूह के किसी सदस्य द्वारा किए गये अपराध में उस जनसमूह का हर सदस्य दोषी होगा“ यहाँ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 149 में किये गए अपराध के लिए सजा को निर्धारित किया गया हैं | इसके लिए उस व्यक्ति को जिसके द्वारा ऐसा किया गया है उसको सजा अपराध अनुसार दण्डित किया जायेगा |

आईपीसी धारा 151 क्या है

आईपीसी (IPC) की धारा 149  में  जमानत  (BAIL) का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 149 में जिस अपराध की सजा के बारे में बताया गया है उस अपराध के लिए  जमानत, संज्ञान और अदालती कार्रवाई जो भी होगी वो अपराध के अनुसार होगी, क्योंकी CrPC में ऐसा वर्णित करके प्रावधान किया गया है ।

उपरोक्त वर्णन से आपको भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 149 के बारे में जानकारी हो गई होगी | इसमें क्या अपराध बनता है कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा | इस अपराध को कारित करने पर क्या सजा होगी ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, साथ ही इसमें जमानत के क्या प्रावधान होंगे ? यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है |

आईपीसी धारा 182 क्या है

अपराधसजासंज्ञेयजमानतविचारणीय
यदि किसी गैरकानूनी सभा के किसी सदस्य द्वारा अपराध किया जाता है, तो ऐसी सभा का हर दूसरा सदस्य अपराध का दोषी होगाकिये गए अपराध के समानकिये गए अपराध के समानउस अदालत के द्वारा जिसमे किया गया अपराध जाने योग्य हैउस अदालत के द्वारा जिसमे किया गया अपराध जाने योग्य है

आईपीसी धारा 188 क्या है

Leave a Comment