आईपीसी धारा 190 क्या है | IPC Section 190 in Hindi – विवरण सजा का प्रावधान

आईपीसी धारा 190 क्या है

आज हम आपके लिए इस पेज पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 190 की जानकारी लेकर आये है | यहाँ हम आपको बताएँगे  कि भारतीय दंड सहिता (IPC) की धारा 190 किस प्रकार से परिभाषित की गई है और इसका क्या अर्थ है ? भारतीय दंड संहिता यानि कि आईपीसी (IPC)  की धारा 190 क्या है,  इसके बारे में आप यहाँ जानेंगे |

इस पोर्टल के माध्यम से यहाँ धारा 190 क्या बताती है ? इसके बारे में पूर्ण रूप से बात होगी | साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य भारतीय दंड संहिता (IPC) की महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |

आईपीसी धारा 193 क्या है

IPC (भारतीय दंड संहिता की धारा) की धारा 190 के अनुसार :-

लोक सेवक से संरक्षा के लिए आवेदन करने से विरत रहने के लिए किसी व्यक्ति को उत्प्रेरित करने के लिए क्षति की धमकी

जो कोई किसी व्यक्ति को इस प्रयोजन से क्षति की कोई धमकी ढेगा कि वह उस व्यक्ति को उत्प्रेरित करे कि वह किसी क्षति से संरक्षा के लिए कोई वैध आवेदन किसी ऐसे लोक सेवक से करने से विरत रहे. या प्रतिविरत रहे, जो ऐसे लोक सेवक के नाते ऐसी संरक्षा करने या कराने के लिए वैध रूप से सशक्त हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से. या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।

Section 190 – “Threat of injury to induce person to refrain from applying for protection to public servant ”–

“Whoever holds out any threat of injury to any person for the purpose of inducing that person to refrain or desist from making a legal application for protection against any injury to any public servant legally empowered as such to give such protection, or to cause such protection to be given, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to one year, or with fine, or with both.”

आईपीसी धारा 188 क्या है

लागू अपराध

किसी भी व्यक्ति को सुरक्षा के लिए कानूनी आवेदन करने से रोकने के लिए उसे प्रेरित करने की धमकी देना

सजा – 1 वर्ष कारावास या आर्थिक दण्ड या दोनों हो सकते हैं |



यह एक जमानती, ग़ैर- संज्ञेय अपराध है और किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।

यह अपराध पीड़ित / चोटिल व्यक्ति द्वारा समझौता करने योग्य है।

आईपीसी धारा 186 क्या है

आईपीसी की धारा 190 में सजा (Punishment) क्या होगी

यहाँ भारतीय दंड संहिता में धारा 190 किये गए अपराध के लिए सजा को निर्धारित किया गया हैं | जो इस प्रकार है – किसी भी व्यक्ति को सुरक्षा के लिए कानूनी आवेदन करने से रोकने के लिए उसे प्रेरित करने की धमकी देना , उसको 1 वर्ष कारावास या आर्थिक दण्ड या दोनों से दण्डित |

आईपीसी धारा 185 क्या है

आईपीसी (IPC) की धारा 190 में  जमानत  (BAIL) का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 190 में जिस अपराध की सजा के बारे में बताया गया है उस अपराध को एक जमानती अपराध बताया गया है | यहाँ आपको मालूम होना चाहिए कि जमानतीय अपराध होने पर इसमें जमानत मिल जाती है, क्योंकी CrPC में यह जमानतीय अपराध बताया गया है ।

आईपीसी धारा 182 क्या है

मित्रों उपरोक्त वर्णन से आपको आज भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 190 के बारे में जानकारी हो गई होगी | कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट  बॉक्स  के  माध्यम  से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है | इसको अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करें |

आईपीसी धारा 174 क्या है

अपराधसजासंज्ञेयजमानतविचारणीय
किसी भी व्यक्ति को सुरक्षा के लिए कानूनी आवेदन करने से रोकने के लिए उसे प्रेरित करने की धमकी देना1 वर्ष कारावास या आर्थिक दण्ड या दोनोंग़ैर- संज्ञेयजमानतीयकिसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय (ट्रायल किया जा सकता)

आईपीसी धारा 156 क्या है

Leave a Comment