आईपीसी धारा 291 क्या है | IPC Section 291 in Hindi – सजा का प्रावधान


आईपीसी धारा 291 क्या है

आज हम आपके लिए इस पेज पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 291 की जानकारी लेकर आये है | यहाँ हम आपको बताएँगे  कि भारतीय दंड सहिता (IPC) की धारा 291 किस प्रकार से परिभाषित की गई है और इसका क्या अर्थ है ? भारतीय दंड संहिता यानि कि आईपीसी (IPC)  की धारा 291 क्या है,  इसके बारे में आप यहाँ जानेंगे |

न्यूसेन्स बन्द करने के व्यादेश के पश्चात उसका चालू रखना

इस पोर्टल के माध्यम से यहाँ धारा 291 क्या बताती है ? इसके बारे में पूर्ण रूप से बात होगी | साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य भारतीय दंड संहिता (IPC) की महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |


आईपीसी धारा 290 क्या है

IPC (भारतीय दंड संहिता की धारा) की धारा 291 के अनुसार :-

न्यूसेन्स बन्द करने के व्यादेश के पश्चात उसका चालू रखना

“जो कोई किसी लोक सेवक द्वारा, जिसको किसी न्यूसेन्स की पुनरावृत्ति न करने या उसे चालू न रखने के लिए व्यादेश प्रचालित करने का प्राधिकार हो, ऐसे व्यादिष्ट किए जाने पर किसी लोक न्यूसेन्स की पुनरावृत्ति करेगा, या उसे चालू रखेगा, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।“

Section 291 –   “Continuance of nuisance after injunction to discontinue”–

“Whoever repeats or continues a public nuisance, having been enjoined by any public servant who has lawful authority to issue such injunction not to repeat or continue such nuisance, shall be punished with simple imprisonment for a term which may extend to six months, or with fine, or with both.”

आईपीसी धारा 292 क्या है

लागू अपराध

न्यूसेन्स बन्द करने के व्यादेश के पश्चात् उसका चालू रखना

सजा 3 मास  के लिए सरल कारावास या जुर्माने से, या दोनों से  दण्डित किया जा सकता

यह एक जमानती, संज्ञेय अपराध है और कोई भी मजिस्ट्रेट  द्वारा विचारणीय है।

आईपीसी धारा 294 क्या है

आईपीसी की धारा 291 में सजा (Punishment) क्या होगी

यहाँ भारतीय दंड संहिता में धारा 291 में किये गए अपराध के लिए सजा को निर्धारित किया गया हैं | जो इस प्रकार है – न्यूसेन्स बन्द करने के व्यादेश के पश्चात् उसका चालू रखेगा, उसको 6 मास  के लिए सरल कारावास या जुर्माने से, या दोनों दण्ड  से दण्डित किया जा सकता है |

आईपीसी धारा 295 क्या है

आईपीसी (IPC) की धारा 291 में  जमानत  (BAIL) का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 291 में जिस अपराध की सजा के बारे में बताया गया है उस अपराध को एक संज्ञेय जमानतीय अपराध बताया गया है | यहाँ आपको मालूम होना चाहिए कि जमानतीय अपराध होने पर इसमें जमानत मिल जाती है क्योंकी CrPC में यह जमानतीय अपराध बताया गया है ।

मित्रों उपरोक्त वर्णन से आपको आज भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 291 के बारे में जानकारी हो गई होगी | कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट  बॉक्स  के  माध्यम  से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है | इसको अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करें |

आईपीसी धारा 299 क्या है

अपराधसजासंज्ञेयजमानतविचारणीय
न्यूसेन्स बन्द करने के व्यादेश के पश्चात् उसका चालू रखना  6 मास  के लिए सरल कारावास या जुर्माने से, या दोनों सेसंज्ञेयजमानतीयकोई भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय

आईपीसी धारा 302 क्या है

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