आईपीसी धारा 313 क्या है | IPC Section 313 in Hindi – विवरण, सजा का प्रावधान

आईपीसी धारा 313 क्या है

भारतीय दंड संहिता में स्त्री की सम्मति के बिना गर्भपात कारित करना” एक अपराध माना गया है और इसको (IPC) की धारा 313 में परिभाषित (डिफाइन) किया गया है | यहाँ हम आपको ये बताने का प्रयास करेंगे कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 313 किस तरह अप्लाई होगी | भारतीय दंड संहिता यानि कि IPC की धारा 313 क्या है ? इसके सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से यहाँ समझने का प्रयास करेंगे | आशा है हमारी टीम द्वारा किया गया प्रयास आपको पसंद आ रहा होगा |

आईपीसी धारा 302 क्या है

(IPC Section 313) स्त्री की सम्मति के बिना गर्भपात कारित करना

इस पेज पर भारतीय दंड सहिता की धारा 313 में “स्त्री की सम्मति के बिना गर्भपात कारित करना” एक अपराध है, और इस अपराध  के बारे में क्या प्रावधान बताये गए हैं, और इसमें कितनी सजा देने की बात कही गई है? इनके बारे में पूर्ण रूप से इस धारा में चर्चा की गई है | साथ ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 313 में जमानत के बारे में क्या बताया गया है ? इसको भी यहाँ जानेंगे, साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी  ले सकते हैं |

आईपीसी धारा 304 क्या है

IPC (भारतीय दंड संहिता की धारा ) की धारा 313 के अनुसार :-

स्त्री की सम्मति के बिना गर्भपात कारित करना-

“जो कोई उस स्त्री की सम्मति के बिना, चाहे वह स्त्री स्पन्द्रनगर्भा हो या नहीं, पूर्ववर्ती अन्तिम धारा में परिभाषित अपराध करेगा, वह [आजीवन कारावास] से. या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा “|

According to Section. 313 – “Causing miscarriage without woman’s consent”–

“Whoever com­mits the offence defined in the last preceding section without the consent of the woman, whether the woman is quick with child or not, shall be punished with 1[imprisonment for life], or with imprisonment of either description for a term which may extend to ten years, and shall also be liable to fine” .

आईपीसी धारा 307 क्या है

लागू अपराध (IPC Section 313)

स्त्री की सहमति के बिना गर्भपात कारित करना।

सजा – आजीवन कारावास या 10 वर्ष का कारावास + आर्थिक दण्ड।

यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और सत्र न्यायालय (सेशन कोर्ट) द्वारा विचारणीय है।

यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।

आईपीसी धारा 308 क्या है

आईपीसी की धारा 313 में सजा (Punishment) क्या होगी

स्त्री की सहमति के बिना गर्भपात कारित करना अपराध माना गया है , उसके लिए दंड का निर्धारण भारतीय दंड संहिता में धारा 313 के तहत किया गया है | यहाँ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 313 में स्त्री की सहमति के बिना गर्भपात कारित करने पर आजीवन कारावास या 10 वर्ष का कारावास + आर्थिक दण्ड दिया जायेगा

आईपीसी धारा 323 क्या है 

आईपीसी (IPC) की धारा 313 में  जमानत  (BAIL) का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 313 में जिस अपराध की सजा के बारे में बताया गया है उस अपराध को एक जमानती और संज्ञेय अपराध बताया गया है | यहाँ आपको मालूम होना चाहिए कि गैर – जमानतीय अपराध होने पर इसमें जमानत मिलने में मुश्किल आती है क्योकि  इसको CrPC में संज्ञेय श्रेणी का गैर- जमानतीय अपराध में बताया गया है |

आईपीसी धारा 324 क्या है

आपको आज भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 313 के बारे में जानकारी हो गई होगी | इसमें  क्या अपराध बनता है, कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा | इस अपराध को कारित करने पर क्या सजा होगी ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, साथ ही इसमें जमानत के क्या प्रावधान होंगे ? यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है |

आईपीसी धारा 325 क्या है

अपराधसजासंज्ञेयजमानतविचारणीय
स्त्री की सहमति के बिना गर्भपात कारित करना।आजीवन कारावास  या  10 साल कारावास + जुर्मानासंज्ञेयगैर-जमानतीयसत्र न्यायालय  (सेशन कोर्ट)  द्वारा विचारणीय (ट्रायल किया जा सकता)

आईपीसी धारा 328 क्या है

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