आईपीसी धारा 457 क्या है | IPC Section 457 in Hindi – विवरण, सजा का प्रावधान

आईपीसी धारा 457 क्या है

भारतीय दंड संहिता में ऐसा अपराध जो कारावास से दण्डनीय हो उसे करने के लिए रात के समय में छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करना एक अपराध माना गया है और इसके लिए दण्ड का प्रावधान (IPC) की धारा 457 में  किया गया है | यहाँ हम आपको ये बताने का प्रयास करेंगे कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 457 किस तरह अप्लाई होगी | भारतीय दंड संहिता यानि कि IPC की धारा 457 क्या है ? इसके सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से यहाँ समझने का प्रयास करेंगे | आशा है हमारी टीम द्वारा किया गया प्रयास आपको पसंद आ रहा होगा |

आईपीसी धारा 447 क्या है 

(IPC Section 457) कारावास से दंडनीय अपराध करने के लिए रात्री प्रच्छन्न गृहअतिचार या रात्री गृहभेदन

इस पेज पर भारतीय दंड सहिता की धारा 457 में “ऐसा अपराध जो कारावास से दण्डनीय हो उसे करने के लिए रात के समय में छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करने  के लिए दण्ड के बारे में क्या प्रावधान बताये गए हैं, और इसमें कितनी सजा देने की बात कही गई है? इनके बारे में पूर्ण रूप से इस धारा में चर्चा की गई है | साथ ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 457 में जमानत के बारे में क्या बताया गया है ? इसको भी यहाँ जानेंगे, साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी  ले सकते हैं |

आईपीसी धारा 427 क्या है

IPC (भारतीय दंड संहिता की धारा ) की धारा 457 के अनुसार :-

कारावास से दंडनीय अपराध करने के लिए रात्री प्रच्छन्न गृह-अतिचार या रात्री गृह-भेदन-

“ जो कोई कारावास से दंडनीय कोई अपराध करने के लिए रात्री प्रच्छन्न गृह-अतिचार या रात्री गृह-भेटन करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा, तथा यदि वह अपराध जिसका किया जाना आशयित हो, चोरी हो, तो कारावास की अवधि चौदह वर्ष तक की हो सकेगी” ।

According to Section. 457 – “Lurking house-trespass or house-breaking by night in order to commit offence punishable with imprisonment”–

“Whoever commits lurking house-trespass by night, or house-breaking by night, in order to the committing of any offence punishable with imprison­ment, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to five years, and shall also be liable to fine; and, if the offence intended to be committed is theft, the term of the imprisonment may be extended to fourteen years”.

आईपीसी धारा 420 क्या है

लागू अपराध (IPC Section 457)

1. कारावास से दण्डनीय अपराध करने के लिए रात के समय में छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करना।

सजा – 5 वर्ष कारावास + आर्थिक दण्ड

यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और प्रथम श्रेणी के मेजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।

2. यदि अपराध चोरी है।

सजा – 14 वर्ष कारावास + आर्थिक दण्ड

यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और प्रथम श्रेणी के मेजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।

यह समझौता करने योग्य नहीं है।

आईपीसी धारा 411 क्या है

आईपीसी की धारा 457 में सजा (Punishment) क्या होगी

ऐसा अपराध जो कारावास से दण्डनीय हो उसे करने के लिए रात के समय में छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करना अपराध माना गया है , इसके लिए दंड का निर्धारण  भारतीय दंड संहिता में धारा 457 के तहत किया गया है | यहाँ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 457 में ऐसा अपराध करने पर

आईपीसी धारा 409 क्या है

1. कारावास से दण्डनीय अपराध करने के लिए रात के समय में छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करना।

सजा – 5 वर्ष कारावास + आर्थिक दण्ड

यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और प्रथम श्रेणी के मेजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।

2. यदि अपराध चोरी है।

सजा – 14 वर्ष कारावास + आर्थिक दण्ड

यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और प्रथम श्रेणी के मेजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।

यह समझौता करने योग्य नहीं है।

आईपीसी धारा 406 क्या है 

आईपीसी (IPC) की धारा 457 में  जमानत  (BAIL) का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 457 में जिस अपराध की सजा के बारे में बताया गया है उस अपराध को एक जमानती और संज्ञेय अपराध बताया गया है | यहाँ आपको मालूम होना चाहिए कि गैर – जमानतीय अपराध होने पर इसमें जमानत मिलने में मुश्किल आती है क्योकि  इसको CrPC में संज्ञेय श्रेणी का गैर- जमानतीय अपराध में बताया गया है |

आपको आज भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 457 के बारे में जानकारी हो गई होगी | इसमें  क्या अपराध बनता है, कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा | इस अपराध को कारित करने पर क्या सजा होगी ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, साथ ही इसमें जमानत के क्या प्रावधान होंगे ? यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है |

आईपीसी धारा 467 क्या है

अपराधसजासंज्ञेयजमानतविचारणीय
ऐसा अपराध जो कारावास से दण्डनीय हो उसे करने के लिए रात के समय में छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करना5 वर्ष कारावास + जुर्मानासंज्ञेयगैर – जमानतीयप्रथम श्रेणी के मेजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय (ट्रायल किया जा सकता)
यदि अपराध चोरी है14 वर्ष कारावास + जुर्मानासंज्ञेयगैर – जमानतीयप्रथम श्रेणी के मेजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय (ट्रायल किया जा सकता)

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