आईपीसी धारा 471 क्या है | IPC Section 471 in Hindi – विवरण, दण्ड का प्रावधान


आईपीसी धारा 471 क्या है

भारतीय दंड संहिता में “कूटरचित “[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] का असली के रूप में उपयोग में लाना” एक अपराध माना गया है और इसको IPC की धारा 471 में परिभाषित (डिफाइन) किया गया है | भारतीय दंड सहिता (IPC) में “कूट रचना करना” धारा 463 में परिभाषित किया गया है इसको भी हम आपके यहाँ पर समझायेंगे | उपरोक्त अपराध को कारित करने पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 471 किस तरह अप्लाई होगी | यहाँ हम आपको भारतीय दंड संहिता यानि कि IPC की धारा 471 क्या है ? साथ ही कूट रचना क्या होती है और इसके क्या क्या पहलु है इनके बारे में विस्तार से यहाँ समझने का प्रयास करेंगे |

इस पोर्टल के माध्यम से यहाँ धारा 471 में सजा के बारे में क्या प्रावधान बताये गए हैं, और इसमें कितनी सजा देने की बात कही गई है इनके बारे में पूर्ण रूप से बात होगी | साथ ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 471 में जमानत के बारे में क्या बताया गया है ?  सभी बातों को आज हम विस्तृत रूप से यहाँ जानेंगे, साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |

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IPC (भारतीय दंड संहिता की धारा ) की धारा 471 के अनुसार :-

कूटरचित “[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] का असली के रूप में उपयोग में लाना-

“जो कोई किसी ऐसी “[टस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] को, जिसके बारे में वह यह जानता या विश्वास करने का कारण रखता हो कि वह कूटरचित “[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] है, कपटपूर्वक या बेईमानी से असली के रूप में उपयोग में लाएगा, वह उसी प्रकार दण्डित किया जाएगा, मानो उसने ऐसी “[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] की कूटरचना की हो “ |

S. 471 –  “Using as genuine a forged document or electronic record”–

“Whoever fraudulently or dishonestly uses as genuine any 1[document or electronic record] which he knows or has reason to believe to be a forged 1[document or electronic record], shall be punished in the same manner as if he had forged such 1[document or electronic record] “.

आईपीसी धारा 468 क्या है

लागू अपराध

1. कूटरचित दस्तावेज जिसका कूटरचित होने का पूर्वज्ञान हो का असली के रूप में उपयोग करना।

सजाजब भी ऐसे दस्तावेज़ की कूटरचना की जाएगी तब सजा दी जाएगी

यह एक जमानती, संज्ञेय अपराध है और प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।

यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।

2. अगर कूटरचित दस्तावेज केंद्र सरकार का एक वचनपत्र है।

सजाजब भी ऐसे दस्तावेज़ की कूटरचना की जाएगी तब सजा दी जाएगी

यह एक जमानती, संज्ञेय अपराध है और प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।

यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।

 यह एक जमानती, गैर -संज्ञेय अपराध है और प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय (ट्रायल किया जा सकता) है।

आईपीसी धारा 494 क्या है

कूट रचना क्या होती है

भारतीय दंड संहिता की धारा 463 में बताया गया है कि जो कोई किसी झूठे दस्तावेज या झूठे या गलत इलैक्ट्रानिक अभिलेख अथवा दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख के किसी भाग को इस प्रयोजन से बनाएगा या रचता है कि पब्लिक को या किसी व्यक्ति को नुकसान या क्षति पहुंच जाए, या इस आशय से रचता है कि कपट करे, या कपट किया जा सके, या उस व्यक्ति के साथ गलत किया जा सके इसका मतलब है – वह कूटरचना करता है, जिसे धारा 463 में परिभाषित किया गया है |

आईपीसी की धारा 471 में सजा (Punishment) क्या होगी

कूटरचित “[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख] का असली के रूप में उपयोग में लाता है तो भारतीय दंड संहिता में धारा 471 के तहत अपराध माना जाता है | यहाँ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 471 में किये गए अपराध के लिए सजा को निर्धारित किया गया हैं | इसके लिए उस व्यक्ति को जिसके द्वारा ऐसा किया गया है उसको धारा 463 में बताया गया कूट रचना करने के समान ही दंड से दण्डित किया जायेगा | यह एक संज्ञेय, जमानती अपराध  है और यह मामला प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय (ट्रायल किया जा सकता ) है।

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आईपीसी (IPC) की धारा 471 में  जमानत  (BAIL) का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 471 में जिस अपराध की सजा के बारे में बताया गया है उस अपराध को एक जमानती और संज्ञेय अपराध बताया गया है | यहाँ आपको मालूम होना चाहिए कि जमानतीय अपराध और होने पर इसमें जमानत मिलने में मुश्किल नहीं आती है क्योंकी CrPC में यह जमानतीय अपराध बताया गया है ।

मित्रों उपरोक्त वर्णन से आपको आज भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 471 के बारे में जानकारी हो गई होगी | इसमें क्या अपराध बनता है कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा | इस अपराध को कारित करने पर क्या सजा होगी ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, साथ ही इसमें जमानत के क्या प्रावधान होंगे ? यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है |

आईपीसी धारा 499 क्या है

अपराधसजासंज्ञेयजमानतविचारणीय
(1) वास्तविक एक जाली दस्तावेज है जो जाली होने के लिए जाना जाता है के रूप में प्रयोगइस तरह के दस्तावेज़ के जालसाजी के समानसंज्ञेयजमानतीयप्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय (ट्रायल किया जा सकता)
(2) जब जाली दस्तावेज केन्द्र सरकार का वचन पत्र होता हैइस तरह के दस्तावेज़ के जालसाजी के समानसंज्ञेयजमानतीयप्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय (ट्रायल किया जा सकता)

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