आईपीसी धारा 340 क्या है | IPC 340 in Hindi | विवरण, सजा का प्रावधान


आईपीसी धारा 340 क्या है

भारतीय दंड सहिता (IPC) में सदोष परिरोध धारा 340 में परिभाषित किया गया है | आज आपको हम यहाँ इस आर्टिकल में यही बताएंगे कि इस अपराध को कारित करने पर भारतीय दंड सहिता (IPC) की धारा 340 किस तरह अप्लाई होगी | यहाँ हम आपको भारतीय दंड संहिता यानि कि IPC की धारा 340 क्या है ? इसके सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से यहाँ समझने का प्रयास करेंगे |

इस पोर्टल के माध्यम से यहाँ धारा 340 में सजा के बारे में क्या प्रावधान बताये गए हैं, और इसमें कितनी सजा देने की बात कही गई है इनके बारे में पूर्ण रूप से बात होगी | साथ ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 340 में जमानत के बारे में क्या बताया गया है ?  सभी बातों को आज हम विस्तृत रूप से यहाँ जानेंगे, साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |

आईपीसी धारा 332 क्या है 



सदोष परिरोध क्या है

IPC (भारतीय दंड संहिता की धारा ) की धारा 340 के अनुसार :-

सदोष परिरोध

“जो जो भी कोई किसी व्यक्ति का गलत तरीके से अवरोध करता है कि उस व्यक्ति को निश्चित सीमा से परे जाने से निवारित कर दे, वह उस व्यक्ति को गलत तरीके से प्रतिबंधित करना कहलाता है।

दृष्टांत

(क) “य”को दीवार से घिरे हुए स्थान में प्रवेश कराकर “क”उसमें ताला लगा देता है । इस प्रकार “य”दीवार की परिसीमा से परे किसी भी दिशा में नहीं जा सकता । “क”ने “य”का गलत तरीके से प्रतिबंधित किया है ।

(ख) “क”एक भवन के बाहर जाने के द्वारों पर बन्दूकधारी मनुष्यों को बैठा देता है और “य”से कह देता है कि यदि “य” भवन के बाहर जाने का प्रयत्न करेगा, तो वे “य”को गोली मार देंगे । “क”ने “य का गलत तरीके से प्रतिबंधित किया है |

According to Section. 340 –   “Wrongful Confinement”–

“Whoever wrongfully restrains any person in such a manner as to prevent that person from proceeding beyond certain circumscribing limits, is said “wrongfully to confine” that person.”

Illustrations

(A) A causes Z to go within a walled space, and locks Z. Z is thus prevented from proceeding in any direction beyond the circumscribing line of wall. A wrongfully confines z.

(B) A places men with firearms at the outlets of a building, and tells Z that they will fire at Z if Z attempts leave the building. A wrongfully confines Z.

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मित्रों उपरोक्त वर्णन से आपको आज भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 340 (सदोष परिरोध क्या है) के बारे में  इस आर्टिक्ल के माध्यम से पूरी जानकारी हो गई होगी , कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा | इस अपराध को कारित करने पर क्या सजा होगी ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, साथ ही इसमें जमानत के क्या प्रावधान होंगे ?  इसकी जानकारी भी दी है | यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है

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1 thought on “आईपीसी धारा 340 क्या है | IPC 340 in Hindi | विवरण, सजा का प्रावधान”

  1. Hello Sir,

    My wife has filed a fake DV case against me in Delhi family Court.In the petition she has put in all fake allegations which i gave the proof to the court.But i am only getting dates since she went to Family court and they for sure have the soft corner for a lady.

    Anyways i just want to know if iam true and want the justice soon can i use section 340 against my wife or not if yes then whats the procedure for that.I already have a lawyer but just nees to cross check things for better understading.

    Thanks
    Arun

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