आईपीसी धारा 374 क्या है | IPC Section 374 in Hindi – सजा का प्रावधान

आईपीसी धारा 374 क्या है

आज हम आपके लिए इस पेज पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 374 की जानकारी लेकर आये है | यहाँ हम आपको बताएँगे  कि भारतीय दंड सहिता (IPC) की धारा 374 किस प्रकार से परिभाषित की गई है और इसका क्या अर्थ है ? भारतीय दंड संहिता यानि कि आईपीसी (IPC)  की धारा 374 क्या है,  इसके बारे में आप यहाँ जानेंगे |

विधिविरुद्ध अनिवार्य श्रम

इस पोर्टल के माध्यम से यहाँ धारा 374 क्या बताती है ? इसके बारे में पूर्ण रूप से बात होगी | साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य भारतीय दंड संहिता (IPC) की महत्वपूर्ण धाराओं के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य धाराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |

आईपीसी धारा 365 क्या है

IPC (भारतीय दंड संहिता की धारा) की धारा 374 के अनुसार :-

विधिविरुद्ध अनिवार्य श्रम

जो कोई किसी व्यक्ति को उस व्यक्ति की इच्छा के विरुद्ध श्रम करने के लिए विधिविरुद्ध तौर पर विवश करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।

Section 374 –  “Unlawful Compulsory Labour ”–

“Whoever unlawfully compels any person to labour against the will of that person, shall be pun­ished with imprisonment of either description for a term which may extend to one year, or with fine, or with both.”

आईपीसी धारा 366 क्या है

लागू अपराध

गैरक़ानूनी बलपूर्वक श्रम

सजा 1 वर्ष  के लिए कारावास या जुर्माने से, या दोनों से  दण्डित किया जा सकता

यह एक जमानती, संज्ञेय अपराध है और कोई भी मजिस्ट्रेट  द्वारा विचारणीय है।

यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।

आईपीसी धारा 370 क्या है

आईपीसी की धारा 374 में सजा (Punishment) क्या होगी

यहाँ भारतीय दंड संहिता में धारा 374 में किये गए अपराध के लिए सजा को निर्धारित किया गया हैं | जो इस प्रकार है – रिष्टि (शरारत) करना, उसको 1 वर्ष  के लिए कारावास या जुर्माने से, या दोनों दण्ड  से दण्डित किया जा सकता है |

आईपीसी धारा 375 क्या है

आईपीसी (IPC) की धारा 374 में जमानत  (BAIL) का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 374 में जिस अपराध की सजा के बारे में बताया गया है उस अपराध को एक संज्ञेय जमानतीय अपराध बताया गया है | यहाँ आपको मालूम होना चाहिए कि जमानतीय अपराध होने पर इसमें जमानत मिल जाती है क्योंकी CrPC में यह जमानतीय अपराध बताया गया है ।

आईपीसी धारा 377 क्या है

मित्रों उपरोक्त वर्णन से आपको आज भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 374 के बारे में जानकारी हो गई होगी | कैसे इस धारा को लागू किया जायेगा ?  इन सब के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित या अन्य धाराओं से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट  बॉक्स  के  माध्यम  से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है | इसको अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करें |

आईपीसी धारा 380 क्या है

अपराधसजासंज्ञेयजमानतविचारणीय
गैरकानूनी अनिवार्य श्रम1 वर्ष के लिए कारावास या जुर्माने से, या दोनों सेसंज्ञेयजमानतीयकोई भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय

आईपीसी धारा 384 क्या है

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