एलएलपी कंपनी का रजिस्ट्रेशन कैसे होता है


आपके मन में भी आता होगा किसी कंपनी को देख कर कि इस तरह हमारी भी कंपनी होती अगर आप एक उद्यमी बनना चाहते होंगे तो आपको कंपनी रजिस्ट्रेशन के प्रोसेस (Process) को पहले जानना होगा | आज हम आपको LLP के रजिस्ट्रेशन के बारे में बता रहे जिसके बहुत से फायदे है आइये जानते हैं लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) क्या है ? अन्य प्रकार की कम्पनी के अतिरिक्त जैसे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के स्थान पर लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप वाली कंपनी क्यों रिजिस्टर करवाए इसके क्या लाभ होंगे इन सब बाते को हम आज देखेंगे | यहाँ हम आपको पूरा प्रोसेस step by Step बता रहे हैं जिसके जरिये आप LLP Company Registration भारत में करा सकते है साथ ही आप इसमें क्या क्या डॉक्यूमेंट जरूरी होगा और एलएलपी कंपनी रजिस्ट्रेशन कराने में कितना खर्चा आएगा, इन सब के बारे में पूरी तरह से अवगत हो जायेंगे।

इस पोर्टल के माध्यम से यहाँ LLP Company Registration in India | Documents | Fees | Process in Hindi इसके बारे में पूर्ण रूप से बात होगी | साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य कंपनी रजिस्ट्रेशन के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य रजिस्ट्रेशन के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |

कंपनी का रजिस्ट्रेशन कैसे होता है



LLP क्या होती है  (What is LLP)

आपको हमने अपने पोर्टल पर कई तरह की कंपनियों के रजिस्ट्रेशन के प्रोसेस बताये हैं | इनमें से ही एक है एलएलपी फर्म (LLP). इस तरह की फर्म के नाम के अंत में एलएलपी लिखा रहता है | Limited Liability Partnership(एलएलपी) एक अलग कानूनी इकाई होती है | इसमें “सीमित देयता” की बात कही गई है। यह Limited Liability Partnership Act, 2008 जोकि 31st March 2008  से लागू है और इसी के अंतर्गत बनाए गए नियमों के तहत शासित होती है और पंजीकृत की जाती  है। छोटे और मध्यम उद्यम (एसएमई) एलएलपी के रूप में काम कर सकते हैं। एलएलपी विशेष रूप से कंपनी सचिवों, चार्टर्ड एकाउंटेंट्स, वकीलों, लागत लेखाकार आदि जैसे पेशेवरों के लिए सेवा क्षेत्र के लिए उपयुक्त है।

✅  प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का रजिस्ट्रेशन

आइये जानते हैं LLP जुड़ी पांच ख़ास बातें –

  1. LLP के स्ट्रक्चर को सिर्फ किसी कंपनी द्वारा ही इस्तेमाल किया जा सकता है |
  2. कंपनी के रजिस्ट्रेशन की यह प्रक्रिया बेहद आसान है और इसमें खर्च भी बहुत कम आता है |
  3. LLP एक अलग कानूनी इकाई है, यह व्यक्तिगत पार्टनर से अलग है |
  4. कंपनी के रजिस्ट्रेशन के एग्रीमेंट के हिसाब से हर पार्टनर की जिम्मेदारी सीमित है. इसकी वजह यह है कि नियमित पार्टनरशिप फर्म में असीमित जिम्मेदारी होती है, जबकि इसमें शेयर होल्डिंग के हिसाब से ही जिम्मेदारी होती है |
  5. LLP के अंतर्गत रजिस्टर की जाने वाली कंपनी पर सरकार के कुछ प्रतिबंध लागू होते हैं,  इसके साथ ही कंप्लायंस संबंधी कुछ मामले भी हैं, जोकि साधारण पार्टनरशिप फर्म की तुलना में अधिक सख्त हैं |

✅ भूमि अधिग्रहण अधिनियम क्या है

एलएलपी रजिस्ट्रेशन  प्रोसेस  (Limited Liability Partnership Registration Process Step By Step)

एलएलपी (LLP) रजिस्ट्रेशन प्रोसेस Step By Step यहाँ पर आपको हम बता रहे हैं आप इसकी जानकारी लेके इसी तरह अपनी LLP सेटअप कर सकते हैं |

To register a Indian LLP, you need to first apply for a Designated Partner Identification Number (DPIN), which can be done by filing eForm for acquiring the DIN or DPIN. You would then need to acquire your Digital Signature Certificate and register the same on the portal. Thereafter, you need to get the LLP name approved by the Ministry. Once the LLP name is approved, you can register the LLP by filing the incorporation form.

✅ न्यायिक समीक्षा (पुनरावलोकन) क्या है

Step-1.  DPIN के लिए अप्लाई करना (Designated Partner Identification Number)

सबसे पहले आपको सभी पार्टनर्स का यूनिक ID जिसे DPIN (Designated Partner Identification Number) कहते हैं रजिस्ट्रेशन करवाना होगा | जितने भी पार्टनर्स LLP में होंगे, सबके DPIN (Designated Partner Identification Number) अलग अलग होंगे |

All designated partners of the proposed LLP shall obtain “Designated Partner Identification Number (DPIN)”. You need to file eForm DIR-3 in order to obtain DIN or DPIN. In case you already have a DIN (Director Identification Number), the same can be used as a DPIN.

✅ पॉक्सो एक्ट क्या है

Step-2.  LLP Name  Approval for Registration (LLP का नाम चुनना)

अब दूसरा स्टेप LLP का नाम सोचना होता है | इसके लिए कई नाम के साथ आपको अप्लाई करना होता है ROC (Registrar of Companies) के ऑफिस में वहां से अगर आपके द्वारा भेजे गए नाम की कोई LLP कंपनी पहले से है तो नाम रिजेक्ट हो जायेगा | अगर आपका भेजा गया नाम किसी पहले की रजिस्टर्ड कंपनी से अलग होगा तो आपको कंपनी का नाम आवंटित कर दिया जायेगा |

 Apply to the concerned RoC to ascertain the availability of name in eForm1 A by logging in to the portal. A fee of Rs. 500/- has to be paid alongside and the digital signature of the applicant proposing the company has to be attached in the form) After the name approval the applicant can apply for registration of the new company by filing the required forms (that is Form 1, 18 and 32) within 60 days of name approval

✅ Copyright Act क्या हैं

Step-3.  Digital Signature Certificate (डिजिटल सिग्नेचर के लिए अप्लाई करना)

इसके बाद इस स्टेप में LLP कंपनी के ऑथराइज़्ड सिग्नेचर की आवश्यकता होगी इसके लिए आपको पार्टनर्स का Digital Signature Certificate के लिए अप्लाई करना होगा क्युकी कंपनी के सभी काम लगभग ऑनलाइन होते हैं तो यहाँ ऑथराइज़्ड सिग्नेचर के लिए Digital Signature से ही फाइल अपलोड की जाती है |

✅ CPC Bare Act in Hindi 

Step-4.  LLP Agreement For LLP Registration (LLP Agreement को बनाना)

इस स्टेप में LLP के Agreement को ड्राफ्ट किया जाता है जोकि एक CA द्वारा बनवाया जा सकता है | LLP Agreement में सभी पार्टनर्स के बीच का अनुबंध से सम्बंधित सभी नियम और शर्ते होती है | इसको MCA के पोर्टल पर Form 3  के साथ सबमिट करना होता है |

After incorporation of LLP, an initial LLP agreement is to be filed within 30 days of incorporation of LLP. The user has to file the information in Form 3 ( Information with regard to Limited Liability Partnership Agreement and changes, if any, made therein).

✅ कोर्ट मैरिज कैसे करे (प्रक्रिया)

Step-5.  Incorporation Certificate (LLP का प्रमाण पत्र  )

उपरोक्त सभी प्रकार की प्रक्रिया पूरी होने पर और सभी जरूरी दस्तावेज के मिलान के बाद जब रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा हो जाता है, तब सबसे अंत में आपको ROC की तरफ से एक LLP के रजिस्ट्रेशन का सर्टिफिकेट (LLP Incorporation Certificate)  प्राप्त हो जायेगा | यही सर्टिफिकेट LLP के नाम और पते का प्रूफ होगा |

Step-6.  Apply For PAN & Bank Account

सभी प्रकार की प्रक्रिया पूरी होने पर और सभी जरूरी दस्तावेज के मिलान के बाद जब रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा हो जाता है, तब आपको LLP का PAN & Bank Account के LLP  नाम से खुलवाना होगा |

✅ Child Adoption Process in Hindi

LLP रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ (LLP Registration Required Documents)

जब भी हम LLP कंपनी का रजिस्ट्रेशन करना चाहते है तो इसके लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज़ लगाना ज़रुरी होते है। जो कि निम्न लिखित है –

  • पार्टनर्स की एड्रेस प्रूफ
  • पेन कार्ड की कॉपी
  • कंपनी का नाम
  • बिज़नेस एड्रेस प्रूफ जैसे- इलेक्ट्रिसिटी बिल, टेलीफ़ोन बिल, टैक्स बिल, गैस बिल
  • वोटर आईडी कार्ड
  • पार्टनर्स आधार कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • रेंट एग्रीमेंट कॉपी

✅ भारतीय संविधान सभा का गठन

एलएलपी (LLP) के लाभ

अलग कानूनी इकाई: एक एलएलपी (LLP) एक अलग कानूनी इकाई होती है। इसका मतलब है कि इसके पास अपने नाम पर संपत्ति है और मुकदमा कर सकता है। इसके अतिरिक्त, एक पार्टनर दूसरे पार्टनर के कदाचार या लापरवाही के लिए जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं होता है।

कोई मालिक / प्रबंधक भेद नहीं: एक एलएलपी (LLP) में भागीदार होते हैं, जो व्यवसाय के स्वामी और प्रबंधन करते हैं। यह एक निजी लिमिटेड कंपनी से अलग होती है, जिसके निदेशक शेयरधारकों से अलग हो सकते हैं।

लचीलापन: पार्टनर समझौते का मसौदा तैयार करने के लिए स्वतंत्र हैं क्योंकि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों के संबंध में कृपया करते हैं।

सीमित देयता: पार्टनर्स की देयता एलएलपी (LLP) के लिए उसके योगदान की सीमा तक सीमित है। जब तक धोखाधड़ी का पता नहीं चला है, पार्टनर की व्यक्तिगत संपत्ति एलएलपी के किसी भी दायित्व से सुरक्षित है।

कम अनुपालन आवश्यकता: एक एलएलपी (LLP) एक निजी लिमिटेड कंपनी की तुलना में बहुत आसान और सस्ता है क्योंकि प्रति वर्ष सिर्फ तीन अनुपालन होते हैं। दूसरी ओर, एक निजी लिमिटेड कंपनी के पास अपनी पुस्तकों के ऑडिट को पूरा करने और संचालित करने के लिए बहुत सारे अनुपालन करने होते हैं।

एलएलपी समापन करने के लिए आसान: एलएलपी (LLP) को न केवल शुरू करना आसान है, बल्कि एक निजी कंपनी की तुलना में एलएलपी का समापन करना भी आसान है। हालांकि इस प्रक्रिया को पूरा करने में अभी भी दो से तीन महीने का समय लग रहा है, लेकिन एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को बंद करने में एक साल का समय लग सकता है।

✅ संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची

विभन्न प्रकार की इकाई की तुलना यहाँ देखे

प्रकारLLPPvt. Ltd.स्वामित्वPartnershipOPC
सदस्य2- असीमित2-200अधिकतम 12-201
इकाई की कानूनी स्थितिअलग कानूनी इकाई के रूप में मानाअलग कानूनी इकाई के रूप में मानाअलग कानूनी इकाई के रूप में नहीं मानाअलग कानूनी इकाई के रूप में नहीं मानाअलग कानूनी इकाई के रूप में माना
सदस्य देयताअपने सदस्यों के दायित्व सीमित हैशेयर पूंजी की सीमा तक सीमितअसीमित दायित्वअसीमित दायित्वशेयर पूंजी की सीमा तक सीमित
पंजीकरणएमसीए के तहत पंजीकृतएमसीए के तहत पंजीकृतअनिवार्य नहींवैकल्पिक / भागीदारी अधिनियम 1932 के तहत पंजीकृत किया जा सकताएमसीए के तहत पंजीकृत है और कंपनियों 2013 के कानून
transferability विकल्पस्थानांतरित किया जा सकतास्थानांतरित किया जा सकताअनुमति नहीं हैंअनुमति नहीं हैंकेवल एक ही व्यक्ति के लिए अनुमति दी
कर लगानालाभ प्लस उपकर और अधिभार लागू का 30%लाभ प्लस उपकर और अधिभार लागू का 30%व्यक्तिगत रूप मेंकंपनी लाभ 30%लाभ प्लस उपकर और अधिभार लागू का 30%
वार्षिक फाइलिंगकंपनी के रजिस्ट्रार के साथ दायर कीकंपनी के रजिस्ट्रार के साथ दायर कीआयकर रिटर्न कंपनियों के रजिस्ट्रार के साथआयकर रिटर्न कंपनियों के रजिस्ट्रार के साथकंपनी के रजिस्ट्रार के साथ दायर की

✅ वारिस प्रमाण पत्र क्या है

उपरोक्त वर्णन से आपको आज LLP Company Registration in India | Documents | Fees | Process in Hindi इसके बारे में जानकारी हो गई होगी | LLP Company Registration Process के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इससे सम्बन्धित या अन्य किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट  बॉक्स  के  माध्यम  से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है | इसको अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करें |

✅ सीआरपीसी (दण्ड प्रक्रिया संहिता) क्या है

यदि आप अपने सवाल का उत्तर प्राइवेट चाहते है तो आप अपना सवाल कांटेक्ट फॉर्म के माध्यम से पूछें |
Leave a Comment