कंपनी का रजिस्ट्रेशन कैसे होता है

आपके मन में भी आता होगा किसी कंपनी को देख कर कि इस तरह हमारी भी कंपनी होती अगर आप एक उद्यमी बनना चाहते होंगे तो आपको कंपनी रजिस्ट्रेशन के प्रोसेस (Process) को पहले जानना होगा | वैसे अब भारत में हर तरह के रजिस्ट्रेशन लगभग ऑनलाइन कर दिए गए है। जब बात कंपनी के रजिस्ट्रेशन की आती है तो आपको जानना चाहिए कि यह भी ऑनलाइन किया जा सकता है। अगर आप भी अपनी कोई कंपनी रजिस्ट्रेशन करना चाहते है तो यहाँ हम आपको पूरा प्रोसेस step by Step बता रहे हैं जिसके जरिये आप Company Registration भारत में करा सकते है साथ ही आप इसमें क्या क्या डॉक्यूमेंट जरूरी होगा और कंपनी रजिस्ट्रेशन कराने में कितना खर्चा आएगा, इन सब के बारे में पूरी तरह से अवगत हो जायेंगे।

इस पोर्टल के माध्यम से यहाँ Company Registration Process in Hindi (Online) | Required Documents | Fees Details इसके बारे में पूर्ण रूप से बात होगी | साथ ही इस पोर्टल www.nocriminals.org पर अन्य कंपनी रजिस्ट्रेशन के बारे में विस्तार से बताया गया है आप उन आर्टिकल के माध्यम से अन्य रजिस्ट्रेशन के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं |

✅  प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का रजिस्ट्रेशन

कंपनी क्या होती है (What is Company)

Company शब्द लैटिन भाषा के शब्द Companies से बना है जिसमे संधि करने पर हम देखते हैं, Com और Panies जिसमे COM का अर्थ है साथ साथ, तथा Panies का अर्थ रोटी, Companies Act 2013 के अंतर्गत Comapny का अर्थ है क़ानूनी और प्राकृतिक या इन दोनों के मिश्रण से व्यक्त्यिओ का समूह जो commercial और Industrial enterprise को चलाने के उदेश्य से  बनाया गया है तथा बहुत सारे सामान्य व्यावसायिक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए कई व्यक्तियों के समूह  का निर्माण किया जाता है | आपको बता दें कि कंपनी के जो शेयरधारक होते है वे ही कंपनी के मालिक होते है। कंपनी के रजिस्ट्रेशन में कम से कम 15-20 दिनों का समय लगता है। अब कोई भी कंपनी नए कंपनी अधिनियम, 2013 द्वारा अधिनियमित होती  है। कंपनी वैधानिक रूप से निर्मित एक artificial व्यक्ति के रूप में काम करती है |

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कंपनी के प्रकार (Type of Company)  

भारत में Comapnies Act 2013 के अंतर्गत अलग अलग कम्पनीज के कई प्रकार बताये गए है | जब हम कई कंपनियों के बारे में सोचते हैं तो हम इसे सदस्यों की देनदारी (Liability), सदस्यों की संख्या, कंपनी के रजिस्ट्रेशन की जगह, कंपनी पर नियंत्रण तथा अन्य कई आधार पर वर्गीकृत कर सकते हैं। कंपनी मुख्य रूप से 3 प्रकार की होती है –

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Types of companies on the mode of incorporation (निगमन के आधार पर कंपनियों के प्रकार)

इस आधार पर कंपनियों को 3 तरह से वर्गीकृत किया जा सकता है

1. विशेष अधिनियम के आधार पर बनी कंपनियां – रॉयल चार्टर्ड कंपनियां

2. किसी विशेष आदेश के द्वारा बनाई गई कंपनियां – वैधानिक कंपनियां

3. सामान्य कंपनी की तरह पंजीकृत कंपनियां – पंजीकृत या निगमित कंपनियां

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पंजीकृत या निगमित कंपनियां

इस आधार पर कंपनियों को 3 तरह से वर्गीकृत किया जा सकता है

  • Private Limited Company ( निजी सीमित कंपनी)
  • One Person Company
  • Public Limited कंपनी

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Private Limited Company ( निजी सीमित कंपनी

इसमें सदस्यों के बिज़नेस एसेट्स और पर्सनल एसेट्स अलग होते है | यहाँ कम से कम 2 और ज्यादा से ज्यादा 15 डायरेक्टर्स  हो सकते है |  शरहोल्डर्स की बात करें तो ये संख्या 2 से 200 तक ही हो सकती है | MOA और AOA में कंपनी की सारे कार्य और नियम एवं शर्तें लिखी होती है | वित्तीय लेनदेन व बोर्ड मीटिंग और annul reports आदि के रिकार्ड्स बनाने जरूरी है | Private Limited company registration, Companies Act 2013 के अंतर्गत होता है | Private Company Registration 3 प्रकार से हो सकता है :-

  • अंश से सीमित company
  • Guarantee से सीमित Company
  • Unlimited Company

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One Person Company

यह भी Companies Act, 2013 के अंतर्गत उन entrepreneurs  को support करती है जो अपने दम पर जोखिम लेकर business शुरू करते है | इसमें केवल एक व्यक्ति ही company का सदस्य हो सकता है |

Public Limited Company

Public Company में public को shares के लिए invite करना होता है | इसमें कम से कम 7 सदस्य होने ही चाहिए | Public Company के नाम के अंत में “Limited” ज़रुर लगाना होता है | इसको शेयर मार्किट में लिस्ट किया जा सकता है |

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कंपनी  रजिस्ट्रेशन  प्रोसेस  (Company Registration Process Step By Step)

कंपनी रजिस्ट्रेशन प्रोसेस Step By Step यहाँ पर आपको हम बता रहे हैं आप इसकी जानकारी लेके इसी तरह अपनी कंपनी सेटअप कर सकते हैं |

Step-1.  DIN के लिए अप्लाई करना (Director Identification Number)

सबसे पहले आपको डायरेक्टर का यूनिक ID जिसे DIN (Director Identification Number) कहते हैं रजिस्ट्रेशन करवाना होगा | कंपनी में डायरेक्टर का अपॉइंटमेंट बिना DIN (Director Identification Number) के नहीं होगा | जितने भी डायरेक्टर कंपनी में होंगे, सबके DIN (Director Identification Number) अलग अलग होंगे |

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Step-2.  Company Name  For Company Registration (कंपनी का नाम चुनना)

अब दूसरा स्टेप कंपनी का नाम सोचना होता है, क्युकी ये ही कंपनी की पहचान और आधार होता है जिसके जरीये कंपनी को भविष्य में जाना जायेगा | इसके लिए काम से काम नाम के साथ आपको अप्लाई करना होता है ROC (Registrar of Companies) के ऑफिस में वहां से अगर आपके द्वारा भेजे गए नाम की कोई कंपनी पहले से है तो नाम रिजेक्ट हो जायेगा | अगर आपका भेजा गया नाम किसी पहले की रजिस्टर्ड कंपनी से अलग होगा तो आपको कंपनी का नाम आवंटित कर दिया जायेगा |

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 Apply to the concerned RoC to ascertain the availability of name in eForm1 A by logging in to the portal. A fee of Rs. 500/- has to be paid alongside and the digital signature of the applicant proposing the company has to be attached in the form) After the name approval the applicant can apply for registration of the new company by filing the required forms (that is Form 1, 18 and 32) within 60 days of name approval

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Step-3.  Digital Signature Certificate (डिजिटल सिग्नेचर के लिए अप्लाई करना)

इसके बाद इस स्टेप में कंपनी के ऑथराइज़्ड सिग्नेचर की आवश्यकता होगी इसके लिए आपको Digital Signature Certificate नाम के लिए अप्लाई करना होगा क्युकी कंपनी के सभी काम लगभग ऑनलाइन होते हैं तो यहाँ ऑथराइज़्ड सिग्नेचर के लिए Digital Signature से ही फाइल अपलोड की जाती है |

Step-4.  The MOA and AOA For Company Registration (MOA और AOA को बनाना)

इस स्टेप में कंपनी के MOA (Memorandum of Association) और AOA (Article of Association) को ड्राफ्ट किया जाता है जोकि एक CA द्वारा बनवाया जा सकता है | MOA (Memorandum of Association) और AOA (Article of Association) में कंपनी के रूल्स और रेगुलेशन लिखे होते हैं | इसको भी सबमिट करना होता है कंपनी रजिस्ट्रेशन करने के लिए |

✅ वारिस प्रमाण पत्र क्या है

Submit the following eForms after attaching the digital signature, pay the requisite filing and registration fees and send the physical copy of Memorandum and Article of Association to the RoC

Declaration of compliance – Form-1

Notice of situation of registered office of the company – Form-18.

Particulars of the Director’s, Manager or Secretary – Form-32.

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Step-5.  E-Form Submission On MCA WebPortal online

अब अगला स्टेप पर ऑनलाइन फॉर्म MCA WebPortal पर online सबमिट करना होता है | अगर आप एकल सदस्य कंपनी बना रहे हैं तो इसके लिए फॉर्म INC-2 सबमिट करना होगा | अन्य प्रकार की कंपनी के लिए फॉर्म INC-7 भरके ऑनलाइन सबमिट करना होगा | इन दोनों में से जो भी फॉर्म होगा (INC-2 या INC-7) के साथ स्टाम्प ड्यूटी देनी होगी जोकि Pay Stamp Duty Through MCA21 System द्वारा ऑनलाइन पेमेंट करनी होगी |

Step-6.  Registered Office Of Company(कंपनी का ऑफिस)

आपको ये जानकारी होनी चाहिए कि कपंनी शुरु करने के लिए आपको एक कार्यलय की आवश्यकता  होती है। इस स्टेप में Form- 18 में कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफ़िस का Declaration देना होगा। जिस पर डायरेक्टर, कंपनी सेक्रेटरी या मैनेजिंग डायरेक्टर के सिग्नेचर होना चाहिए। कंपनी के लिए यह सबसे जरुरी है |

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Step-7.  Incorporation Certificate (कंपनी का प्रमाण पत्र  )

उपरोक्त सभी प्रकार की प्रक्रिया पूरी होने पर और सभी जरूरी दस्तावेज के मिलान के बाद जब रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा हो जाता है, तब सबसे अंत में आपको ROC की तरफ से एक कंपनी के रजिस्ट्रेशन का सर्टिफिकेट (Company Incorporation Certificate)  प्राप्त हो जायेगा | यही सर्टिफिकेट कंपनी के नाम और पते का प्रूफ होगा |

कंपनी का डायरेक्टर बनने के लिए योग्यता

कोई भी कंपनी का डायरेक्टर बन सकता है अगर उसकी उम्र कम से कम 18 वर्ष हो | यही एक योग्यता कंपनी का डायरेक्टर बनने के लिए चाहिए होती है यहाँ ध्यान देने योग्य बात है कि इसके लिए किसी भी तरह की शैक्षिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है | इसका अर्थ यह है कि 18 वर्ष से अधिक की उम्र का कोई भी व्यक्ति Company का डायरेक्टर बन सकता है |

✅ परिवाद पत्र क्या है

कंपनी रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ (Company Registration Required Documents)

जब भी हम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का रजिस्ट्रेशन करना चाहते है तो इसके लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज़ लगाना ज़रुरी होते है। जो कि निम्न लिखित है –

  • एक पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • पेन कार्ड की कॉपी
  • कंपनी का नाम
  • बिज़नेस एड्रेस प्रूफ जैसे- इलेक्ट्रिसिटी बिल, टेलीफ़ोन बिल, टैक्स बिल, गैस बिल
  • वोटर आईडी कार्ड
  • आधार कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • रेंट एग्रीमेंट कॉपी

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उपरोक्त वर्णन से आपको आज Company Registration Process in Hindi (Online) | Required Documents | Fees Details इसके बारे में जानकारी हो गई होगी |Company Registration Process के बारे में विस्तार से हमने उल्लेख किया है, यदि फिर भी इससे सम्बन्धित या अन्य किसी भी प्रकार की कुछ भी शंका आपके मन में हो या अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप  हमें  कमेंट  बॉक्स  के  माध्यम  से अपने प्रश्न और सुझाव हमें भेज सकते है | इसको अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करें |

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